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Trading strategy: Nifty के फिर से 23800-24000 का स्तर हासिल करने तक हर रैली पर बिकवाली की रणनीति पर रहें कायम

Nifty trend: FPI की लॉन्ग पोजीशन में गिरावट और ओपन इंटरेस्ट में उछाल लगातार मंदी का सेंटीमेंट बने रहने की ओर संकेत कर रहा है। अगर निफ्टी 23,250 से नीचे गिरता है तो बिकवाली में और तेजी आ सकती है। इस बिकवाली में निफ्टी 23,000 अंक तक गिर सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 13, 2025 पर 10:29 AM
Trading strategy: Nifty के फिर से 23800-24000 का स्तर हासिल करने तक हर रैली पर बिकवाली की रणनीति पर रहें कायम
एफपीआई की लॉन्ग पोजीशन में गिरावट और ओपन इंटरेस्ट में उछाल लगातार बनी मंदी की भावना का संकेत है। अगर निफ्टी 23,250 से नीचे गिरता है तो बिक्री की गति तेजी से बढ़ सकती है

सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव एनालिस्ट धुपेश धमेजा

Market strategy : निफ्टी इंडेक्स में 2.39 फीसदी की गिरावट आई। इसमें करेक्शन की उम्मीदें खत्म हो गईं और मंदी का बोलबाला फिर से बढ़ गया। छह हप्ते के निचले स्तर पर फिसलते हुए, इंडेक्स 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक अवरोध को पार करने में विफल रहा। इससे पता चलता है कि तेजड़िए साइडवेज बने हुए हैं। लगातार बने बिकवाली के दबाव के कारण इंडेक्स अपने 200-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (डीईएमए) से नीचे बना हुआ है। जिससे तकनीकी सेटअप निराशाजनक दिखाई बना हुआ है। शॉर्ट टर्म में आनी वाली कोई तेजी मुनाफावसूली का शिकार बन जा रही है। जिससे बाजार में गिरावट का रुख और तेज हो रहा है। घटती खरीददारी लगातार बनी मंदी बाजार की कहानी को फिर से लिख रही हैं। ये आने वाले कठिन समय का संकेत है। निफ्टी अब 23,350 और 23,270 के बीच एक अहम सपोर्ट जोन में चला गया है। पिछले आंकड़ों पर नजर डाले तो यहां से निफ्टी में रुख बदलता दिख है।

दूसरी 24,000 एक बड़े रजिस्टेंस के रूप में उभरा है। निफ्टी अब अहम मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है और इसके मोमेंटम इंडीकेटरों में तेजी के संकेतों की कमी के कारण बाजार में सतर्कता का मूड बना हुआ है। मैक्रो इकोनॉमिक चिंताएं निवेशकों के डर को बढ़ा रही हैं। डॉलर में उछाल,अमेरिका में महंगाी की चिंता और ग्लोबलआर्थिक मंदी के संकेत घबराहट को बढ़ा रहे हैं,जिससे ट्रेडर और निवेशक डिफेंसिव मोड में हैं।

निफ्टी फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट 1.37 करोड़ शेयरों से बढ़कर 1.57 करोड़ शेयरों पर पहुंच गया। इसमें 20.4 लाख शेयरों की बढ़त हुई। यह उछाल,2.39 फीसदी इंडेक्स गिरावट के साथ मिलकर मंदी के ट्रेडरों की आक्रामक शॉर्ट पोजीशन का संकेत है। ओपन इंटरेस्ट में तेज उछाल बिक्री के बढ़ते दबाव का संकेत है और निगेटिव मार्केट सेंटीमेंट को मजबूत करता है।

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