Get App

क्या 1 नवंबर से नहीं आएंगे OTP के SMS! मोबाइल ग्राहकों की बढ़ेगी परेशानी, TRAI ने बनाए नए नियम

TRAI New Rule: क्या 1 नवंबर से OTP के SMS आने बंद हो जाएंगे? अगर TRAI के नए नियमों को माना जाएगा तो टेलिकॉम कंपनियां कमर्शियल SMS नहीं भेज पाएंगी। भारत में टेलीकॉम ऑपरेटरों ने 1 नवंबर से लागू होने जा रहे भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नए नियमों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 29, 2024 पर 11:04 AM
क्या 1 नवंबर से नहीं आएंगे OTP के SMS! मोबाइल ग्राहकों की बढ़ेगी परेशानी, TRAI ने बनाए नए नियम
TRAI New Rule: क्या 1 नवंबर से OTP के SMS आने बंद हो जाएंगे?

TRAI New Rule: क्या 1 नवंबर से OTP के SMS आने बंद हो जाएंगे? अगर TRAI के नए नियमों को माना जाएगा तो टेलिकॉम कंपनियां कमर्शियल SMS नहीं भेज पाएंगी। भारत में टेलीकॉम ऑपरेटरों ने 1 नवंबर से लागू होने जा रहे भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नए नियमों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। इस नियम के अनुसार बैंकों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और अन्य फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट से आने वाले ट्राजेक्शन और सर्विस SMS को ट्रेस करना अनिवार्य होगा, जिसपर पहले छूट मिलती थी। किसी भी मैसेज में रुकावट आने पर उस मैसेज को फिल्टर कर दिया जाएगा।

टेलीकॉम कंपनियों ने कहा है कि कई प्रमुख संस्थान (PEs) और टेलीमार्केटर्स इन नियमों का पालन करने के लिए अभी तक तैयार नहीं हैं, जिससे OTP और अन्य आवश्यक मैसेज की डिलीवरी में बाधा आ सकती है। इस मुद्दे को लेकर सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने TRAI को सूचित किया है और इस नए नियम के लागू होने की तारीख को आगे बढ़ाने की अपील की है। इस एसोसिएशन में जियो, एयरटेल और वोडा-आइडिया जैसी टेलीकॉम कंपनियां शामिल हैं। ट्राई ने निर्देश दिया है कि जो मैसेज ट्रेस नहीं किए जा सकते, उन्हें टेलीकॉम कंपनियां ग्राहकों तक पहुंचाने की अनुमति नहीं देंगी।

रिपोर्ट के अनुसार टेलीकॉम ऑपरेटरों ने बताया है कि टेलीमार्केटर्स और PEs ने आवश्यक तकनीकी समाधानों को लागू करना शुरू नहीं किया है। ऐसी स्थिति में OTP और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी वाले मैसेज लोगों तक नहीं पहुंच पाएंगे।

माना जा रहा है कि भारत में प्रतिदिन लगभग 1.5 – 1.7 बिलियन कमर्शियल मैसेज भेजे जाते हैं, ऐसे में इन नियमों के चलते मैसेज की डिलीवरी में काफी समय लग सकता है या वे देर से पहुंच सकते हैं। टेलीकॉम कंपनियों ने सुझाव दिया है कि 1 नवंबर से इन नियमों को 'लॉगर मोड' में लागू किया जाए ताकि यदि कोई गलत संकेत भेजे जाते हैं, तो उन्हें नोट किया जा सके और उचित कार्रवाई की जा सके। इंडस्ट्री ने वादा किया है कि 1 दिसंबर तक एड वॉल्यूम की डिलीवरी को 'ब्लॉकिंग मोड' में लाया जाएगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें