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SCSS: अगर जीवनसाथी की मृत्यु हो जाती है, तो संयुक्त खाते का क्या होगा?

SCSS में अगर जीवनसाथी की मृत्यु हो जाए तो क्या संयुक्त खाता चालू रह सकता है? कौन-सा खाता बंद होगा, कितना ब्याज मिलेगा और पैसे कहां निवेश करें? जानिए इस स्कीम से जुड़ी जरूरी बातें और स्मार्ट विकल्प।

Suneel Kumarअपडेटेड Apr 10, 2025 पर 6:16 PM
SCSS: अगर जीवनसाथी की मृत्यु हो जाती है, तो संयुक्त खाते का क्या होगा?
SCSS में अधिकतम निवेश की सीमा ₹30 लाख है।

सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) उन बुजुर्ग निवेशकों के लिए एक शानदार स्कीम है जो रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित और गारंटीड इनकम चाहते हैं। इस स्कीम में खाता अकेले या जीवनसाथी के साथ संयुक्त रूप से खोला जा सकता है।

लेकिन अगर पति या पत्नी की मृत्यु हो जाए, तो खाता कैसे संभालें, क्या विकल्प हैं, और क्या नियम हैं, इसे जानना बेहद जरूरी है। आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं:

मान लीजिए एक बुजुर्ग दंपति के नाम दो SCSS खाते हैं:

  • पहले खाते में पति मुख्य धारक हैं और पत्नी दूसरे। कुल जमा ₹24.9 लाख।
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