Get App

CBIL, CRIF या Experian कौन है बेहतर? लोन से पहले जान लें, बैंक किस स्कोर पर भरोसा करता है!

भारत में CIBIL, CRIF और Experian क्रेडिट स्कोर अलग-अलग दिखते हैं क्योंकि इनके गणना फॉर्मूले भिन्न हैं, लेकिन सभी 300-900 रेंज में काम करते हैं।​ बड़े बैंक जैसे CIBIL पर भरोसा करते हैं, जबकि CRIF माइक्रोफाइनेंस और Experian फिनटेक के लिए बेहतर समय पर भुगतान से सभी सुधरते हैं

Edited By: Shradha Tulsyanअपडेटेड Nov 29, 2025 पर 2:45 PM
CBIL, CRIF या Experian कौन है बेहतर? लोन से पहले जान लें, बैंक किस स्कोर पर भरोसा करता है!

आजकल लोन लेने या क्रेडिट कार्ड अप्लाई करने से पहले हर कोई अपना क्रेडिट स्कोर चेक करता है। लेकिन अकसर होता ये है कि सीबीआईएल पर स्कोर 780 दिख रहा है, तो एक्सपेरियन पर 765 और सीआरआईएफ पर कुछ और। ये फर्क देखकर लोग परेशान हो जाते हैं कि आखिर सही स्कोर कौन सा है? सच तो ये है कि भारत में तीन मुख्य क्रेडिट ब्यूरो काम करते हैं ट्रांसयूनियन सीबीआईएल, सीआरआईएफ हाई मार्क और एक्सपेरियन। ये सभी बैंकों, एनबीएफसी और फिनटेक कंपनियों से डेटा इकट्ठा करके 300 से 900 के बीच स्कोर तैयार करते हैं। फर्क सिर्फ उनके गणना के तरीके में होता है, इसलिए नंबर थोड़े ऊपर-नीचे दिखते हैं।

सीबीआईएल सबसे पुराना और भरोसेमंद माना जाता है, जो 2000 से चल रहा है। इसके पास लाखों कंज्यूमर्स का पुराना डेटा है, इसलिए बड़े बैंक जैसे एचडीएफसी, आईसीआईसीआई इसे प्राथमिकता देते हैं। वहीं, सीआरआईएफ छोटे बिजनेस, माइक्रोफाइनेंस और फ्रीलांसर्स के लिए बेहतर डेटा रखता है। एक्सपेरियन वैश्विक स्तर पर खर्च की आदतों, कर्ज के पैटर्न और भुगतान इतिहास पर जोर देता है। पे मी के सीईओ महेश शुक्ला जैसे एक्सपर्ट बताते हैं कि ज्यादातर संस्थाएं सीबीआईएल को मुख्य आधार बनाती हैं, क्योंकि इसका डेटा गहरा और विश्वसनीय होता है। लेकिन नए जमाने के लोन लेने वाले, जैसे छोटे शहरों के उद्यमी, तीनों को देखना फायदेमंद है।

स्कोर में फर्क होने पर घबराएं नहीं, बल्कि अपनी फाइनेंशियल आदतों पर ध्यान दें। समय पर ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिल चुकाएं, क्रेडिट लिमिट का सिर्फ 40 फीसदी तक इस्तेमाल करें। एक साथ कई लोन के लिए अप्लाई न करें, क्योंकि इससे स्कोर गिर सकता है। अगर रिपोर्ट में कोई गलती नजर आए, तो तुरंत ब्यूरो से सुधार करवाएं। इन आसान टिप्स से न सिर्फ स्कोर सुधरेगा, बल्कि लोन मिलना भी आसान हो जाएगा।

क्रेडिट स्कोर महज नंबर नहीं, आपकी वित्तीय जिम्मेदारी का आईना है। चाहे कोई भी ब्यूरो हो, बैंक आखिरकार आपकी भुगतान क्षमता देखते हैं। लगातार अनुशासित रहें, तो हर स्कोर आपके पक्ष में बोलेगा। आज के डिजिटल दौर में फ्रीलांसर और गिग वर्कर्स के लिए ये ब्यूरो नए मौके खोल रहे हैं, बस सही जानकारी रखें।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें