भारतीय शेयर बाजार में अब एक नई ताकत तेजी से उभर रही है Gen Z निवेशक। 1997 से 2012 के बीच जन्मी यह पीढ़ी न सिर्फ तकनीक में माहिर है बल्कि निवेश के तौर-तरीकों को भी बदल रही है। पहले जहां निवेश को अनुभवी और बड़े खिलाड़ियों का खेल माना जाता था, वहीं अब युवा पीढ़ी छोटे-छोटे टिकट साइज के साथ बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही है।
