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Chaitra Purnima 2026: हिंदू वर्ष की पहली पूर्णिमा का व्रत और चंद्रमा को अर्घ्य आज, स्नान-दान की चैत्र पूर्णिमा कल

Chaitra Purnima 2026: चैत्र पूर्णिमा की सही तिथि को लेकर बहुत से भक्तों में असमंजस है, क्योंकि 1 और 2 अप्रैल दोनों दिन पूर्णिमा तिथि मानी जा रही है। आइए पंचांग से जानें दोनों तारीखों में से किस दिन हिंदू वर्ष की पहली पूर्णिमा तिथि का व्रत, चंद्रमा को अर्घ्य और स्नान-दान किया जाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 01, 2026 पर 11:45 AM
Chaitra Purnima 2026: हिंदू वर्ष की पहली पूर्णिमा का व्रत और चंद्रमा को अर्घ्य आज, स्नान-दान की चैत्र पूर्णिमा कल
पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 01 और 02 अप्रैल दोनों दिन लग रही है।

Chaitra Purnima 2026: हिंदू कैलेंडर की पहली पूर्णिमा तिथि होने के नाते चैत्र पूर्णिमा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पूर्णिमा तिथि मां लक्ष्मी को समर्पित होती है। साथ ही, चंद्र दोष की शांति के लिए इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। यह तिथि भगवान सत्यनारायण की कथा के लिए भी उत्तम मानी जाती है। पूरे साल में 12 पूर्णिमा तिथियां आती हैं, जिनमें हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र पूर्णिमा पहली होती है। इसे चैती पूनम के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन इस साल चैत्र पूर्णिमा की तिथि को लेकर भक्तों में असमंजस है, क्योंकि पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 01 और 02 अप्रैल दोनों दिन लग रही है। ऐसे में व्रत, सत्यनारायण की कथा, चंद्रमा को अर्घ्य और स्नान-दान की सही तिथि जानना जरूरी है। आइए जानते हैं, पंचांग के अनुसार क्या करना चाहिए ?

चैत्र पूर्णिमा 2026 तिथि

द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी और पूर्णिमा तिथि का समापन 2 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर होगा।

आज है चैत्र पूर्णिमा का व्रत

1 अप्रैल से पूर्णिमा तिथि लग जाएगी और पूरे दिन रहेगी। ऐसे में 1 अप्रैल को पूर्णिमा का व्रत रख सकते हैं और इसी दिन चंद्रमा को अर्घ्य दे सकते हैं।

उदयातिथि से चैत्र पूर्णिमा कल

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और व्रत के लिए उदयातिथि को अधिक मान्यता दी जाती है। इसलिए चैत्र पूर्णिमा गुरुवार 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। ऐसे में पूर्णिमा तिथि का स्नान-दान 2 अप्रैल को करना उचित रहेगा। स्नान-दान के लिए उदयातिथि को मान्यता दी गई है।

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