Holika dahan parikrama 2026: रंगों के पर्व होली से एक शाम पहले फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात को किया जाता है होलिका दहन। बुराई पर अच्छा की विजय के प्रतीक माने जाने वाले इस अनुष्ठान का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। ये परंपरा सदियों से चली आ रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार शुभ काल में होलिका दहन किया जाता है। इससे पहले विधि-विधान से होलिका की पूजा की जाती है और अनुष्ठान के लिए जरूरी समग्री उसमें अर्पित की जाती है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि धरती में मौजूद बुरी और नकारात्मक ऊर्जा होलिका दहन की अग्नि में समाप्त हो जाती है। इसलिए इस अनुष्ठान से जुड़े कुछ बेहद जरूरी नियम हैं, जिनका पालन किया जाना चाहिए। आइए जानें इस साल होलिका दहन किस समय होगा और इसके जरूरी नियम क्या हैं?
