Get App

Last Pradosh Vrat 2025: साल का आखिरी प्रदोष व्रत कल, भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय

Last Pradosh Vrat 2025: साल 2025 का आखिरी प्रदोष व्रत बुधवार यानी 17 दिसंबर 2025 को होगा। प्रदोष प्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन उनका आशीर्वाद पाने के लिए कुछ उपाय करना लाभकारी माना जाता है। आइए जानें प्रदोष व्रत का मुहूर्त और कौन से उपाय दिलाएंगे भगवान शिव की कृपा

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 16, 2025 पर 2:18 PM
Last Pradosh Vrat 2025: साल का आखिरी प्रदोष व्रत कल, भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
साल 2025 का आखिरी प्रदोष व्रत बुधवार, 17 दिसंबर को रखा जाएगा।

Last Pradosh Vrat 2025: हिंदू धर्म में प्रदोष का व्रत बहुत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत हिंदू कैलेंडर के हर महीने की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है, जो कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में दो बार आती है। इस तरह प्रदोष का व्रत साल में 24 बार आता है। भगवान शिव को समर्पित इस व्रत में प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साल 2025 के आखिरी प्रदोष व्रत पर कुछ खास अनुष्ठान करने से आने वाले साल में भगवान शिव का आशीर्वाद बना रहेगा। ऐसा माना जाता है कि जो लोग पूरी श्रद्धा से यह व्रत रखते हैं, उन्हें नए साल में आर्थिक तरक्की, मानसिक शांति और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है।

साल का आखिरी प्रदोष व्रत कल

साल 2025 का आखिरी प्रदोष व्रत बुधवार, 17 दिसंबर को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने का शुभ मुहूर्त शाम 5.27 बजे से रात 8.11 बजे तक रहेगा, जो कि प्रदोष काल है। पंचांग के अनुसार, ‘सूर्यास्त के बाद का वह समय जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष काल एक साथ होता है, शिव पूजा के लिए शुभ होता है।' यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बुधवार बुद्धि, व्यापार और ज्ञान से जुड़ा है। अगर आप चाहते हैं कि साल 2026 सकारात्मक और फलदायी हो, तो इस दिन भगवान शिव के लिए विशेष पूजा और उपाय करना चाहिए। माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

आखिरी प्रदोष व्रत पर करने योग्य शुभ उपाय

इस दिन भगवान शिव की पूजा पूरे विधि-विधान से करनी चाहिए। सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और अपने मन में भक्ति भाव रखें। तांबे के बर्तन में पानी भरकर उसमें तिल डालकर शिवलिंग पर अभिषेक करें। माना जाता है कि ऐसा करने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं। बेल पत्र पर भगवान राम का नाम लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। धार्मिक मान्यता है कि इससे भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद मिलता है। प्रदोष व्रत पर पंचोपचार पूजा करना बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें सुगंध, फूल, धूप, दीपक और भोजन चढ़ाना शामिल है।

भगवान शिव के आशीर्वाद से घर में धन और अनाज बढ़ता है, बिजनेस में तरक्की होती है और जीवन की कई समस्याओं से राहत मिलती है। मानसिक तनाव कम होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इस तरह, 2025 के आखिरी प्रदोष व्रत को श्रद्धा और भक्ति के साथ करके, आप आने वाले साल को और भी बेहतर बना सकते हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद पा सकते हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें