Last Pradosh Vrat 2025: हिंदू धर्म में प्रदोष का व्रत बहुत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत हिंदू कैलेंडर के हर महीने की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है, जो कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में दो बार आती है। इस तरह प्रदोष का व्रत साल में 24 बार आता है। भगवान शिव को समर्पित इस व्रत में प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
