Mahashivratri 2026 Muhurat: महादेव की कृपा पाने की सबसे बड़ी रात आज, आज के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त और भद्रा काल के बारे में जानें यहां

Mahashivratri 2026 Muhurat: महादेव के भक्तों के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज महाशिवरात्रि का पर्व पूरी आस्था और भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। आज कई सौ साल बहुत दुर्लभ योग और राजयोगों का एक साथ निर्माण हो रहा है। आइए जानें इस खास दिन के सभी मुहूर्त के बारे में

अपडेटेड Feb 15, 2026 पर 7:27 AM
Story continues below Advertisement
महादेव की साधना की इस दिव्य रात में शिव भक्त पूरी रात जागरण करते हैं।

Mahashivratri 2026 Muhurat: महाशिवरात्रि का पर्व शिव की कृपा पाने का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। ये तिथि विशेष रूप से शिव भक्तों के लिए बहुत खास होती है। देवादिधदेव महादेव की साधना की इस दिव्य रात में शिव भक्त पूरी रात जागरण करते हैं। मंदिरों और शिवालयों में शिव की इस महारात्रि के लिए विशेष अनुष्ठान आयोजित होते हैं। भव्य सजावट और शिव भजन की गूंज चारों ओर सुनाई देती है। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला ये पर्व इस साल आज मनाया जा रहा है। आइए जानें आज फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि कब से लग रहा है और पूरे दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त क्या हैं? साथ ही जानेंगे भद्रा काल में कालों के काल महाकाल का जलाभिषेक कर सकते हैं या नहीं ?

महाशिवरात्रि की तारीख

इस साल फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी 15 फरवरी को शाम 05 बजकर 04 मिनट से शुरू होगी और 16 फरवरी को शाम 05 बजकर 34 मिनट तक रहेगी।

पूजा के प्रमुख मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त : दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक

सांध्य काल मुहूर्त : शाम 07:28 बजे के बाद


निशिता काल मुहूर्त : रात 12:09 बजे से देर रात 01:00 बजे तक

महाशिवरात्रि पर राहुकाल

महाशिवरात्रि पर शाम 04:47 बजे से 06:11 बजे तक राहुकाल भी रहेगा। इसमें पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान से बचना चाहिए।

5 राजयोग और 10 शुभ योगों का संयोग

ज्योतिष गणना के अनुसार, महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद एक साथ 5 राजयोग और 10 शुभ योग बन रहे हैं।

  • बुध-सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग
  • बुध-शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग
  • सूर्य-शुक्र की युति से शुक्रादित्य राजयोग
  • शनि का शश नामक महापुरुष राजयोग
  • कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु का चतुर्ग्रही योग

महाशिवरात्रि के 10 शुभ योग

  • शिवयोग : सुबह 05:45 बजे से शुरू होकर पूरे दिन।
  • सर्वार्थ सिद्धि योग : सुबह 06:43 बजे से सुबह 09:37 बजे तक।
  • प्रीति योग : पूर्वाह्न 11:19 बजे से 11:23 बजे तक।
  • आयुष्मान योग : दोपहर 12:17 बजे से 01:54 बजे तक।
  • सौभाग्य योग : शाम 05:07 बजे से 05:53 बजे तक।
  • शोभन योग : शाम 07:47 बजे से रात 08:34 बजे तक।
  • साध्य योग : रात 08:54 बजे से 10:02 बजे तक।
  • शुक्ल योग : रात 10:42 बजे से 11:58 बजे तक।
  • ध्रुव योग : रात 02:57 बजे से अगली सुबह 05:53 बजे तक।
  • अन्य योग : इस दिन व्यतिपात और वरियान योग भी रहेगा।

महाशिवरात्रि 2026 पर भद्रा काल

ज्योतिष गणना के अनुसार महाशिवरात्रि 2026 पर भद्रा 15 फरवरी की शाम को शुरू होगी और अगली सुबह तक रहेगी।

भद्रा शुरू : 15 फरवरी शाम 5:04 बजे

भद्रा खत्म : 16 फरवरी सुबह 5:23 बजे

महाशिवरात्रि के अनुष्ठान पर असर नहीं

इस साल महाशिवरात्रि पर लग रही भद्रा का वास पाताल लोक में हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, पाताल लोक की भद्रा का प्रभाव धरती पर नहीं माना जाता है। इसलिए, शिवलिंग का जलाभिषेक, व्रत और पूजा-पाठ में भद्रा का भेद नहीं है।

जलाभिषेक और पूजा का समय

जलाभिषेक के लिए दिन के मुहूर्त :

पहला समय : सुबह 8:24 बजे से सुबह 9:48 बजे तक

दूसरा समय : सुबह 9:48 बजे से सुबह 11:11 बजे तक

तीसरा समय : सुबह 11:11 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक

चार प्रहर की रात की पूजा

पहला प्रहर : शाम 6:39 से रात 9:45 बजे तक (15 फरवरी)

दूसरा प्रहर : रात 9:45 बजे से मध्यरात्रि 12:52 बजे तक (15 फरवरी - 16 फरवरी)

तीसरा प्रहर : मध्यरात्रि 12:52 बजे से मध्यरात्रि 3:59 बजे तक (16 फरवरी)

चौथा प्रहर : प्रात:काल 3:59 बजे से सुबह 7:06 बजे तक (16 फरवरी)

Solar Eclipse Feb 2026: 4.30 घंटे से ज्यादा लंबा होगा 17 फरवरी को लग रहा वलयाकार सूर्य ग्रहण, 64 साल बाद दुर्लभ संयोग में ग्रहण

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।