Pradosh Vrat Date: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। यह व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस तरह पूरे हिंदू वर्ष में ये व्रत 24 बार किया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों को सुख, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन शिव परिवार की पूजा का विशेष महत्व होता है। भक्त उपवास रखकर संध्या काल में पूजा-अर्चना करते हैं और नियमपूर्वक व्रत का पारण करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सही विधि से किया गया यह व्रत जीवन की बाधाओं को दूर कर मनोकामनाएं पूर्ण करता है। उज्जैन के पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, 19 मार्च को हिंदू नववर्ष की शुरुआत हुई है। उन्होंने बताया कि हिन्दू नववर्ष का पहला प्रदोष व्रत सोम प्रदोष के रूप में मनाया जाएगा।
