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Ramadan 2026 Roza Rules: आप भी रख रहे हैं रोजा, पहले जान लें रोजा रखने के ये जरूरी नियम

Ramadan 2026 Roza Rules: इबादत, जकात और त्याग का पवित्र महीना रमजान आज से शुरू हो चुका है। आज पहला रोजा रखा जा रहा है। आप भी अगर रोजा रख रहे हैं, तो पहले इसके लिए जरूरी इन नियमों को जान लें, ताकि आपकी इबादत न अधूरी रहे और न इसमें खलल पड़े

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 19, 2026 पर 2:28 PM
Ramadan 2026 Roza Rules: आप भी रख रहे हैं रोजा, पहले जान लें रोजा रखने के ये जरूरी नियम
रोजा फज्र से पहले सेहरी खाने के साथ शुरू होता है और सूर्यास्त पर इफ्तार के साथ खत्म होता है।

Ramadan 2026 Roza Rules: भारतीय उपमहाद्वीप में आज से माह-ए-रमजान की शुरुआत हो चुकी है। खुदा की शान में सिर झुकाने, रोजा रखने और जकात करने का ये समय इस्लामिक अनुयायियों के लिए बहुत पवित्र माना जाता है। प्राचीन इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, पैगंबर मुहम्मद को इस्लाम की पवित्र किताब कुरान के पहले शब्द लगभग 1400 साल पहले रमजान के महीने में मिले थे। रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना होता है। आज भारत के मुसलमान पहला रोजा रख रहे हैं। इसमें वे पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए उपवास करेंगे और शाम को सहरी के बाद रोजा इफ्तार करेंगे। रोजा रखने के कुछ जरूरी नियम हैं, जिनके बारे में सभी रोजेदारों का जानना जरूरी होता है।

क्या है रमजान?

रमजान पूरी तरह से इस्लामिक लूनर कैलेंडर पर आधारित है, जिसमें 12 महीने होते हैं और हर महीने में 29 या 30 दिन होते हैं। इस्लामिक कैलेंडर चांद के हिसाब से होता है। शाबान के 29वें दिन, रमजान ऑफिशियली शुरू होता है। यह शव्वाल के आने पर खत्म होता है, जो ईद-उल-फित्र की शुरुआत का इशारा है।

कैसे मनाया जाता है रमजान?

रमजान खुद को समझने और खुदा से जुड़ने का सबसे पवित्र समय है। रमजान के पवित्र महीने में अनुशासन में रहना और खुद पर काबू रखना सबसे जरूरी चीज़ें हैं। ज्यादातर इलाकों में 12 से 14 घंटे के रोजे रखे जाते हैं। यह सौम (उपवास), सलात (प्रार्थना), और जकात (दान) के लिए होता है।

रोजा क्या है?

रोजा सुबह से शाम तक कुछ न खाने-पीने की परंपरा है। तेज गर्मी में बिना खाना और पानी के रोजा रखना किसी के लिए भी मुश्किल होता है, फिर भी रोजा लोगों की शारीरिक, मानसिक और रूहानी हिम्मत को मजेबूत करता है।

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