Sakat Chauth 2026: सकट चौथ को साल में आने वाली चार सबसे बड़ी चौथ में से एक माना जाता है। इसमें माताएं अपनी संतान के संकट दूर करने के लिए व्रत करती हैं। इस व्रत को निर्जला और फलाहार दोनों तरह से किया जाता है। माना जाता है इस दिन विधि विधान से व्रत करने पर संकटा माता संतान की मुश्किलें दूर करती हैं और उनकी सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इस दिन भगवान गणेश और चंद्रमा की पूजा की जाती है। सकट चौथ को तिलकुटा चौथ, माघी चौथ और संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल सकट चौथ पर तीन शुभ योग बन रहे हैं और साथ में 46 मिनट की भद्रा भी लग रही है। ऐसे में इस व्रत में पूजा मुहूर्त और व्रत की सही तारीख जानना बहुत जरूरी है, क्योंकि भद्रा पूजा-पाठ या शुभ कार्य नहीं किया जाता है। आइए जानें इसके बारे में
