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Saraswati Puja 2026: घर पर इस विधि से करें सरस्वती पूजा, नोट करें सही तारीख, समय और बसंत पंचमी की पूजा के लिए जरूरी सामग्री

Saraswati Puja 2026: बसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती को समर्पित है। ये पूजा हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को की जाती है। आइए जानें घर पर सरस्वमी मां की पूजा किस विधि से कर सकते हैं और इसकी सही तारीख, समय और पूजा के लिए जरूरी सामग्री क्या है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 22, 2026 पर 2:47 PM
Saraswati Puja 2026: घर पर इस विधि से करें सरस्वती पूजा, नोट करें सही तारीख, समय और बसंत पंचमी की पूजा के लिए जरूरी सामग्री
इस साल सरस्वती पूजा 23 जनवरी को मनाई जाएगी।

Saraswati Puja 2026: हिंदू धर्म में बसंत पंचमी की तिथि ज्ञान, कला और स्वर की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। श्वेतवरणी और कमल पर विराजती मां ने हाथों में वीणा धारण कर रखी है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मां सरस्वती प्रकट हुई थीं। इसलिए बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा का विशेष महत्व है। द्रिक पंचांग के अनुसार, "वह सरस्वती, लक्ष्मी और पार्वती की त्रिमूर्ति का हिस्सा हैं।"

बसंत पंचमी को सरस्वती पूजा या श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भारत में ज्ञान की देवी की पूजा की जाती है। इस साल सरस्वती पूजा 23 जनवरी को मनाई जाएगी। इसे हिंदू कैलेंडर में सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है, खासकर छात्रों, शिक्षकों और कला-संस्कृति से जुड़े लोगों के लिए। इस दिन पीले रंग का खास महत्व होता है। मां सरस्वी की पूजा में पीले फूल, पीला भोग और पीले रंग के वस्त्र पहने जाते हैं। पीला रंग आध्यात्मिक दृष्टि से भी अहमियत रखता है। ये नई शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। आइए जानें इस साल सरस्वती पूजा किस दिन की जाएगी, इसका मूहूर्त क्या है और इस पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री क्या है?

सरस्वती पूजा तिथि

पंचमी तिथि शुरू : 23 जनवरी, 2026 सुबह 02:28 बजे

पंचमी तिथि समाप्त : 24 जनवरी, 2026 सुबह 01:46 बजे

बसंत पंचमी मध्याह्न क्षण : दोपहर 12:33 बजे

बसंत पंचमी पूजा मुहूर्त 2026

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