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IND vs ENG: '10-20 नहीं 90 सेकेंड की देरी…' शुभमन गिल ने बताया तीसरे टेस्ट मैच में क्या थी लड़ाई की वजह

IND vs ENG: शुभमन गिल ने कहा कि, बहुत लोग इस बारे में बात कर रहे हैं, तो मैं एक बार सबके लिए ये साफ कर देना चाहता हूं, उस दिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों के पास सिर्फ सात मिनट का खेल बचा था, लेकिन वे क्रीज पर 90 सेकंड की देरी से पहुंचे थे। ये 10 या 20 सेकंड नहीं, बल्कि पूरे 90 सेकंड की देरी थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 22, 2025 पर 8:20 PM
IND vs ENG: '10-20 नहीं 90 सेकेंड की देरी…' शुभमन गिल ने बताया तीसरे टेस्ट मैच में क्या थी लड़ाई की वजह
इंग्लैंड के बल्लेबाज बेन डकेट और जैक क्रॉली जानबूझकर समय बर्बाद करते दिखे

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में फिलहाल बेन स्टोक्स की टीम 2-1 से आगे चल रही है। इस सीरीज का चौथा मुकाबला 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेला जाएगा। टीम इंडिया इस मैच को जीतकर सीरीज में बराबरी पर आना चाहेगी, फिलहाल टीम इंडिया 1-2 से पीछे चल रही है। वहीं चौथे टेस्ट से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल ने लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन हुए गहमागहमी पर खुलकर बात की है।

गिल ने कहा, तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन इंग्लैंड के ओपनरों का क्रीज पर जानबूझकर देर से आना खेल की भावना के खिलाफ था। उन्होंने साफ कहा कि खेल में क्रीज पर 90 सेकंड देरी से पहुंचना की स्ट्रैटेजी को सही नहीं माना जा सकता।

90 सेकंड की देरी से आई थी इंग्लिश टीम

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल ने कहा, "बहुत लोग इस बारे में बात कर रहे हैं, तो मैं एक बार सबके लिए ये साफ कर देना चाहता हूं, उस दिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों के पास सिर्फ सात मिनट का खेल बचा था, लेकिन वे क्रीज पर 90 सेकंड की देरी से पहुंचे थे। ये 10 या 20 सेकंड नहीं, बल्कि पूरे 90 सेकंड की देरी थी।" उन्होंने आगे कहा, "ज्यादातर टीमें समय निकालने की स्ट्रैटेजी अपनाती हैं। अगर हम उस स्थिति में होते, तो शायद हम भी कम ओवर खेलना पसंद करते। लेकिन इसका एक सही तरीका होता है। हमें लगता है कि अगर किसी खिलाड़ी को गेंद लगती है, तो फिजियो का मैदान पर आना ठीक है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि क्रीज पर 90 सेकंड की देरी से आना खेल भावना के अनुरूप है।"

भारतीय कप्तान ने क्या कहा

गिल ने आगे कहा, "उस घटना से ठीक पहले कई ऐसी चीजें हुईं, जो हमें लगा कि नहीं होनी चाहिए थीं। हालांकि मैं यह नहीं कहूंगा कि मुझे उस पर बहुत गर्व है, लेकिन यह सब अचानक नहीं हुआ था। इसके पीछे थोड़ी तैयारी थी और हमारा ऐसा करने का कोई इरादा भी नहीं था। मामला बस इतना है कि आप एक मैच जीतने के लिए खेल रहे हैं तो इसमें कई सारी भावनाएं जुड़ी होती हैं। ऐसे में जब आप मैदान पर कुछ ऐसी चीजें होते देखते हैं जो नहीं होनी चाहिए थीं, तो कभी-कभी भावनाएँ अपने आप बाहर आ जाती हैं।"

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