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तो लखनऊ और दिल्ली मे नहीं खेले जाएंगे IPL 2026 के मैच? इन स्टेडियम को मिला NGT का नोटिस, हैरान करने वाली है वजह

IPL 2026 : इनमें से चार स्टेडियमों में इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के मैच हो चुके हैं या जल्द होने वाले हैं। पीठ ने कहा कि इन छह स्टेडियमों को नोटिस भेजा गया है। उनसे पूछा गया है कि ट्रिब्यूनल के आदेश का पालन न करने और जरूरी जानकारी जमा न करने के कारण उनके यहां होने वाली सभी गतिविधियों को क्यों न रोक दिया जाए।

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Apr 24, 2026 पर 2:41 PM
तो लखनऊ और दिल्ली मे नहीं खेले जाएंगे IPL 2026 के मैच? इन स्टेडियम को मिला NGT का नोटिस, हैरान करने वाली है वजह
ट्रिब्यूनल ने साफ कहा है कि अगर इस बारे में सही जानकारी नहीं दी गई, तो स्टेडियम में होने वाली गतिविधियों को रोका भी जा सकता है।

देश में इस समय क्रिकेट फैंस के महाकुंभ यानी आईपीएल चल रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग में इस समय 33 मुकाबले खेले जा चुके हैं। वहीं क्रिकेट के इस धूम धड़ाके के बीच आईपीएल को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने देशभर के छह क्रिकेट स्टेडियमों को नोटिस भेजा है। इन स्टेडियमों से पूछा गया है कि वे अपने मैदान और पिच को तैयार रखने के लिए जो पानी इस्तेमाल करते हैं, उसका सोर्स उन्होंने क्यों नहीं बताया? ट्रिब्यूनल ने साफ कहा है कि अगर इस बारे में सही जानकारी नहीं दी गई, तो स्टेडियम में होने वाली गतिविधियों को रोका भी जा सकता है।

जानें क्या है पूरा मामला

इससे पहले ट्रिब्यूनल ने कई स्टेडियमों को निर्देश दिया था कि वे पानी के इस्तेमाल से जुड़ी पूरी जानकारी सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी (सीजीडब्ल्यूए) को जमा करें। फिलहाल सीजीडब्ल्यूए अलग-अलग स्टेडियमों से मिली जानकारी को इकट्ठा करने और उसकी जांच करने में जुटी हुई है। यह मामला एक याचिका से जुड़ा है। इसमें कहा गया है कि क्रिकेट मैदानों की देखभाल के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से मिलने वाले साफ किए गए पानी की जगह भूजल या ताजे पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो सही नहीं है। याचिका में यह भी सवाल उठाया गया है कि स्टेडियमों में भूजल को बचाने और बढ़ाने के लिए वर्षा रेनवॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

16 अप्रैल को दिए गए एक आदेश में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। इस पीठ में विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल और अफरोज अहमद भी शामिल थे। पीठ ने पाया कि सात स्टेडियमों ने बार-बार निर्देश मिलने के बावजूद शुरुआत में कोई जवाब नहीं दिया था।

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