
भारत के स्टार खिलाड़ी और ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) बन गए हैं। बुधवार को दिल्ली में अलंकरण समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उन्हें उपाधि दी। हरियाणा में पानीपत के रहने वाले नीरज चोपड़ा 26 अगस्त 2016 को सेना में नायब सूबेदार के पद पर भर्ती हुए थे। भारत सरकार के राजपत्र में जारी दस्तावेजों के अनुसार, यह नियुक्ति 16 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएगी।
नीरज चोपड़ा बने लेफ्टिनेंट कर्नल
बता दें कि नीरज चोपड़ा ने 26 अगस्त 2016 को भारतीय सेना में नायब सूबेदार के रूप में अपने सैन्य करियर की शुरुआत की थी। उनकी शानदार एथलेटिक उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें 2021 में सूबेदार के पद पर प्रमोट किया गया था। अपने खेल जीवन में नीरज ने कई सम्मान हासिल किए हैं। उन्हें 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उनके अद्भुत प्रदर्शन और भारत के खेल जगत में दिए गए योगदान की पहचान है।
टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने के बाद, नीरज चोपड़ा को 2022 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। यह भारतीय सेना द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च शांतिकालीन सम्मान है। 27 वर्षीय इस भाला फेंक खिलाड़ी की उपलब्धियाँ यहीं नहीं रुकीं। वर्ष 2022 में नीरज को सूबेदार मेजर के पद पर पदोन्नत किया गया। उसी साल उन्हें भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया, जो उनके खेल और देश के प्रति असाधारण योगदान की पहचान है।
हाल ही में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नीरज चोपड़ा ने 84.03 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ आठवां स्थान हासिल किया। इसके साथ ही उनके लगातार 26 प्रतियोगिताओं में शीर्ष दो स्थान पर रहने का सिलसिला समाप्त हो गया। वहीं, उनके साथी भारतीय एथलीट सचिन यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 86.27 मीटर का थ्रो किया और चौथा स्थान प्राप्त किया। हालांकि वे पदक से थोड़ा पीछे रह गए, लेकिन उनके प्रदर्शन ने भारत के लिए उम्मीदें और भी बढ़ा दीं।
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