




अथॉरिटी ने सितंबर 2023 में भी एक ग्रुप हाउसिंग स्कीम पेश की थी। लेकिन, इसमें बिडर्स ने दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। यह हाउसिंग स्कीम नोएड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के करीब स्थित है। इस स्कीम के लिए 20 मई तक आवेदन किया जा सकता है
इस साल फरवरी के मध्य से गोल्ड में तेजी है। गोल्ड ने अंतराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में तेजी के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। इस तेजी को देख कई लोग गोल्ड में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं। लेकिन, जल्बाजी में गोल्ड में निवेश करना ठीक नहीं है
Income Tax Department's Action Plan | लंबे समय से अटके हुए Refunds कब तक वापस आएंगे? जानें विस्तार से. देखें #LakshmanRoy की ये खास Report.
एडलवाइज की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता ने कहा कि पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड की दुनिया बहुत बदल गई है। टेक्नोलॉजी की मदद से म्यूचुअल फंड में निवेश करना बहुत आसान हो गया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर फिनफ्लूएंसर्स की सलाह पर अमल करने से पहले अच्छी तरह से सोचविचार कर लेना जरूरी है
इसका मकसद मकानमालिक और किराएदार दोनों के हितों की सुरक्षा है। मकानमालिक का उसके घर पर कानूनी अधिकार बना रहता है, जबकि किराएदार को घर के मेंटेमेंटेनेंस पर खर्च नहीं करना पड़ता है
Gold Rate Today: आज मंगलवार को सोने का भाव अपन नए पीक की तरफ जाता दिख रह है। चेन्नई के ज्वैलरी बाजार में गोल्ड का रेट 65,100 रुपये के पार चल गया है। वहीं, दिल्ली में 10 ग्राम सोने का भाव 65000 रुपये पर कारोबार कर रहा है। क्या इस दाम पर गोल्ड खरीदना है सही? या करें इंतजार..
बड़े Mutual Funds में कैसे बनाएं पैसा ?
Chanakya Opportunities Fund | इस Close Ended AIF Fund की क्या है खासियत? क्या है फंड का साइज? फंड पर विस्तार से चर्चा, Fund Manager, Kresha Gupta से
Wheat Price News |1 से 15 March के बीच में शुरू होगी गेहूं की खरीदारी, क्या होंगे इसके मायने?
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के ग्राहक आरबीआई की कार्रवाई की वजह से चिंतित हैं। उन्हें अपने पैसे के डूबने की चिंता सता रही है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने कहा है कि 29 फरवरी तक बैंक अकाउंट में जमा पैसे निकाले जा सकते हैं
Paytm News: पेटीएम संकट, व्यापारियों को किस बात का डर? Wallet में नया पैसा नहीं डाल रहे ग्राहक
RBI ने अंतरिम बजट पेश होने से ठीक एक दिन पहले Paytm Payments bank के खिलाफ सख्त कदम उठाने के एलान किए। इससे पेटीएम पेमेंट्स बैंक के ग्राहकों में डर का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग पेटीएम पेमेंट्स बैंक का इस्तेमाल कर रहे थे। अब उन्हें अपने पैसे की चिंता सता रही है। सवाल है कि आखिर इतना सख्त कदम उठाने को RBI क्यों मजबूर हुआ?
कई टैक्सपेयर्स, खास तौर पर घर के खरीदार सोशल मीडिया पर बता रहे हैं कि उन्हें TDS में कमी को लेकर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस मिला है। इन होम बायर्स (घर के खरीदार) से कहा जा रहा है कि वे बचा हुआ TDS (ब्याज समेत) भी जमा करें, जो उनके द्वारा खरीदी गई प्रॉपर्टी की वैल्यू का तकरीबन 20 पर्सेंट है
Consumer Adda: हर अस्पताल में कैशलेस मेडिक्लेम ! नेटवर्क अस्पताल होना जरूरी नहीं ? क्या होगी कैशलेस क्लेम की प्रक्रिया, हर बीमा कंपनी देगी कैशलेस सुविधा ? कैशलेस मेडिक्लेम! देखिए Consumer Adda पर
Budget 2024: अगले वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के चेयरमैन दीपक मोहंती ने आग्रह किया है कि एंप्लॉयर्स नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में एंप्लॉयीज की बेसिक सैलरी का 12 फीसदी तक का जो योगदान करते हैं, उसे टैक्स फ्री किया जाना चाहिए
अगर आप अपनी जीवन बीमा पॉलिसी (Life Insurance Policies) को उसके मूल समय से पहले तोड़ते हैं, तो उस पर आपको सरेंडर चार्ज (Surrender Charges) देना पड़ता है। हालांकि बीमा नियामक अब इस सरेंडर चार्ज को कम करने पर विचार कर रहा है। इसका फायदा यह होगा कि पॉलिसीधारक भुगतान किए प्रीमियम का पहले से अधिक हिस्सा लेकर घर जा सकेंगे
केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव वाले साल में अंतरिम बजट पेश करती है। इसमें वोट-ऑन-अकाउंट होता है। इसका मतलब है कि सरकार अगले वित्त वर्ष के शुरुआती कुछ महीनों के अपने खर्च के प्रस्ताव पर संसद की मंजूरी हासिल करती है। लोकसभा चुनावों के बाद जो नई सरकार बनती है वह संबंधित वित्त वर्ष का पूर्ण बजट पेश करती है
बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने मुंबई का अपना बंगला 'प्रतीक्षा' अपनी बेटी श्वेता नंदा को गिफ्ट के तौर पर दिया है। घरों की बिक्री से जुड़े प्लेटफॉर्म Zapkey ने यह जानकारी दी है। यह प्रॉपर्टी दो प्लॉट के तौर पर मौजूद है, जिनका साइज क्रमशः 890.47 वर्ग मीटर और 674 वर्ग मीटर है। पर्टी मुंबई के जुहू इलाके में है। गिफ्ट की इस प्रक्रिया को 8 नवंबर को अंजाम दिया गया
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 6 अक्टूबर को अपने बयान में कहा था कि बैंकों और एनबीएफसी के कुछ खास तरह के कंज्यूमर लोन में ज्यादा ग्रोथ दिखी है। उन्होंने इसके मद्देनजर दोनों को आंतरिक सर्विलांस मैकेनिज्म को बढ़ाने को कहा था। इसका मकसद किसी तरह के सिस्टमैटिक रिस्क से बचना था
लगातार छह सेशन में गिरने के बाद 27 अक्टूबर को मार्केट में रौनक लौट आई। लेकिन, Nifty पिछले महीने 20,200 के अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 1150 प्वाइंट्स अंक गिर चुका है। प्राइस करेक्शन लंबे समय तक जारी रहने की उम्मीद नहीं दिख रही। इसलिए इनवेस्टर्स को एकमुश्त निवेश करने की जगह धीरे-धीरे मार्केट में पैसे लगाने चाहिए। ऐसा करना लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बहुत फायदेमंद रहेगा