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Eiffel Tower पर डिनर से लेकर Mona Lisa की पेंटिंग देखना महंगा, Iran-US War में हनीमून पर पेरिस जाने का खर्च डबल

Paris Trip Package: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे लड़ाई के चलते पेरिस घूमने पर खर्च अब लगभग दोगुना हो गया है। इससे एफिल टावर पर डिनर और मोनालिसा देखना महंगा हो गया। जानिए कितना असर पड़ा है और इतना ज्यादा फर्क क्यों पड़ा है, इसे लेकर ट्रैवल सेक्टर्स के एग्जीक्यूटिव्स का क्या कहना है

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Mar 26, 2026 पर 1:30 PM
Eiffel Tower पर डिनर से लेकर Mona Lisa की पेंटिंग देखना महंगा, Iran-US War में हनीमून पर पेरिस जाने का खर्च डबल

पेरिस में एफिल टावर (Eiffel Tower) पर डिनर करना या Louvre Museum में मोनालिसा (Mona Lisa) देखना अब पहले से लगभग दोगुना महंगा हो गया है। ईरान और अमेरिका की लड़ाई (Iran-US War) ने यूरोप के सफर को महंगा कर दिया है। इससे पहले एक कपल के लिए 6 रातों का पेरिस ट्रिप, जिसमें Interlaken या Lucerne में 3 रातें और Mount Titlis व Jungfraujoch की यात्रा शामिल होती थी, करीब ₹2.5 लाख से ₹3 लाख में हो जाता था। हालांकि एसएनवीए ट्रैवलटेक (ट्रैवोमिंट) के मैनेजर (ऑपरेशंस एंड सेल्स) राहुल चड्ढा के मुताबिक अब उसी ट्रिप का खर्च ₹4.5 लाख से ₹5 लाख तक पहुंच गया है, यानी कुछ ही हफ्तों में लगभग दोगुना। हालांकि ट्रैवल एग्जीक्यूटिव्स का मानना है कि पैकेज की महंगाई स्थायी बदलाव के बजाय थोड़े ही समय के लिए है।

पश्चिमी एशिया की लड़ाई पेरिस ट्रिप पर क्यों डाल रही असर?

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही लड़ाई के चलते भारतीय पर्यटकों के लिए यूरोप घूमना इसलिए महंगा हो गया क्योंकि इस युद्ध के चलते पश्चिमी एशिया का एयर कोरिडोर प्रभावित हुआ है। अधिकतर भारतीय इन्हीं रास्तों से पेरिस जाते हैं। TravClan के को-फाउंडर और सीईओ अरुण बगारिया का कहना है कि यूरोप का हवाई किराया 10–20% तक बढ़ चुका है। दिल्ली से पेरिस का हवाई टिकट पहले लगभग ₹55,000–₹65,000 का था जो अब ₹70,000–₹80,000 का हो गया है तो ज्यूरिख का भी किराया ₹50,000–₹60,000 से बढ़कर ₹65,000–₹80,000 हो गया है। कुछ मामलों में तो रोम, मिलान, ज्यूरिख और म्यूनिख जैसे शहरों के डायरेक्ट फ्लाइट्स का किराया अब प्रति व्यक्ति ₹1.5 लाख से ₹2 लाख तक पहुंच गई, जो पहले की तुलना में काफी अधिक है।

राहुल चड्ढा के मुताबिक पश्चिमी एशिया में युद्ध के चलते वह रास्ता प्रभावित हुआ है, जो भारत को यूरोप से जोड़ने वाला एक अहम ट्रांजिट हब है। इसके चलते एयरलाइंस को रास्ता बदलना पड़ रहा है तो उड़ान में लगने वाला समय और तेल का खर्च बढ़ता है तो टिकट भी महंगी हो जाती है। भारत से यूरोप के लिए अधिकतर सस्ती उड़ानें दुबई, दोहा या अबू धाबी जैसे हब से होकर गुजरती हैं लेकिन अब इन्हें लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।

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