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Bakrid 2026: 'बकरीद पर गाय की कुर्बानी से बचें...'; पश्चिम बंगाल के मुस्लिम धर्मगुरुओं की अपील, BJP सरकार भी सख्त

Bakrid 2026: पश्चिम बंगाल समेत देश के ज्यादातर हिस्सों से मुस्लिम धर्मगुरुओं ने 28 मई को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार मनाने का ऐलान किया है। ईद उल फित्र के विपरीत बकरीद चांद दिखने के 10वें दिन मनाई जाती है। कोलकाता के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने लोगों से बकरीद पर गाय की कुर्बानी नहीं देने की अपील की है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड May 21, 2026 पर 1:32 PM
Bakrid 2026: 'बकरीद पर गाय की कुर्बानी से बचें...'; पश्चिम बंगाल के मुस्लिम धर्मगुरुओं की अपील, BJP सरकार भी सख्त
Bakrid 2026: पश्चिम बंगाल के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बकरीद से पहले बड़ा फैसला किया है

Bakrid 2026: ईद-उल-अजहा यानी बकरीद 2026 से पहले पश्चिम बंगाल के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सार्वजनिक रूप से अपने समुदाय के लोगों से अपील की है कि वे कुर्बानी के लिए गायें न खरीदें। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली बंगाल सरकार द्वारा पशुओं की हत्या पर रोक लगाने वाले नोटिफिकेशन का भी समर्थन किया है। कोलकाता की मशहूर नखोदा मस्जिद के इमाम मौलाना शफीक कासमी ने अपनी अपील में बिल्कुल साफ-साफ कहा है कि इस बार बकरीद पर कुर्बानी के लिए गाय न खरीदें।

शफीक कासमी ने कहा कि हमें बीफ क्यों खाना चाहिए? उन्होंने कहा कि हिंदू लोग गाय की पूजा करते हैं। हम इसके बजाय बकरियों और भेड़ों की कुर्बानी दे सकते हैं। 'हिंदुस्तान टाइम्स' के मुताबिक शफीक कासमी ने कहा, "मैं अपने मुस्लिम भाइयों से अपील करता हूं कि वे गायों की कुर्बानी न दें। बल्कि, उन्हें बीफ खाना पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "केंद्र सरकार को गाय को एक संरक्षित राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए। दुर्भाग्य से हमारे हिंदू भाइयों को ही इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। क्योंकि वे ही पशुओं का पालन-पोषण करते हैं और ईद के दौरान मुसलमानों को पशुओं के झुंड बेचते हैं। इसमें लाखों रुपए का लेन-देन होता है।"

इसके अलावा बंगाल के सबसे प्रमुख इस्लामी तीर्थस्थल फुरफुरा शरीफ के पीरजादा तोहा सिद्दीकी ने भी ऐसी ही अपील की है। उन्होंने साफ तौर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों से गाय की कुर्बानी ने देने की अपील की है। हुगली जिले में स्थित फुरफुरा शरीफ पश्चिम बंगाल का सबसे ज्यादा विजिट किया जाने वाला इस्लामी तीर्थ स्थल है।

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