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राजस्थान से इटावा तक पहुंचा शाही सांप, गैस चूल्हे के नीचे दिखा तो चाय छोड़ भागी महिला, मचा हड़कंप

Spalerosophis atriceps: भारत में सांपों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से अधिकतर विषहीन होती हैं। हाल ही में इटावा में एक बेहद रंग-बिरंगा और अनोखा सांप नजर आया, जिसे देख स्थानीय लोग हैरान रह गए। पहली बार ऐसा विचित्र सांप देखकर लोग डर गए और इसकी सूचना तुरंत वन्यजीव विशेषज्ञों को दी गई

MoneyControl Newsअपडेटेड May 13, 2025 पर 9:35 AM
राजस्थान से इटावा तक पहुंचा शाही सांप, गैस चूल्हे के नीचे दिखा तो चाय छोड़ भागी महिला, मचा हड़कंप
Spalerosophis atriceps: इटावा में अब लोग सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक की बजाय सीधे अस्पताल पहुंचते हैं।

चंबल के बीहड़ सिर्फ डाकुओं और मगरमच्छों के लिए ही मशहूर नहीं हैं, बल्कि यहां की जैव विविधता भी समय-समय पर चौंकाती रही है। ताजा मामला इटावा के एक गांव का है, जहां एक घर के चूल्हे के पास अचानक एक रंग-बिरंगा, काले सिर वाला सांप दिखाई दिया। यह कोई आम सांप नहीं, बल्कि राजस्थान की रेतीली धरती से जुड़ी दुर्लभ प्रजाति — 'ब्लैक हेडेड रॉयल स्नेक' है, जो अब चंबल में भी अपना डेरा जमा रहा है। इस अजीबोगरीब और खूबसूरत सांप को देखकर पहले तो लोग सहम गए, लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम ने इसकी पहचान करते हुए बताया कि ये सांप पूरी तरह विषहीन है।

ये घटना न सिर्फ लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई, बल्कि जैव विविधता के विस्तार और संरक्षण की दिशा में भी एक नई सोच को जन्म दे गई — आखिर कैसे एक रेगिस्तानी सांप ने बीहड़ों की धरती को अपना नया घर बना लिया?

तीन बार दिख चुका है ये रहस्यमयी सांप

पिछले सात सालों में यह सांप तीन बार इटावा के अलग-अलग इलाकों में नजर आ चुका है। इसकी रंगत और डरावनी आवाज से लोग चौंक उठते हैं, क्योंकि इसे देखकर कोई भी पहली नजर में पहचान नहीं पाता कि ये कौन सी प्रजाति है।

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