Get App

Labour Day 2025: 1 मई को मनाने की परंपरा, जानिए इसके महत्व और इतिहास को

Labour Day 2025: भारत में मजदूर दिवस को श्रमिक दिवस, इंटरनेशनल लेबर डे, मई दिवस, कामगार दिन, वर्कर डे जैसे नामों से जाना जाता है। यह दिन दुनिया भर के श्रमिकों की मेहनत और उनके योगदान को मान्यता देने के लिए मनाया जाता है, जिससे उनका सम्मान बढ़े और उनके अधिकारों को लेकर जागरूकता फैले

MoneyControl Newsअपडेटेड May 01, 2025 पर 10:24 AM
Labour Day 2025: 1 मई को मनाने की परंपरा, जानिए इसके महत्व और इतिहास को
Labour Day 2025: भारत में मजदूर दिवस पहली बार 1 मई 1923 को चेन्नई (तब मद्रास) में मनाया गया।

हर साल 1 मई को दुनियाभर में मेहनतकश लोगों के सम्मान में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जाता है। भारत में इसे श्रमिक दिवस, मजदूर दिवस, मई दिवस, लेबर डे या वर्कर डे जैसे कई नामों से जाना जाता है। यह दिन उन लोगों को समर्पित है, जो अपने पसीने और परिश्रम से समाज और राष्ट्र की बुनियाद को मजबूत करते हैं। चाहे निर्माण स्थलों पर ईंट-गारा उठाने वाले श्रमिक हों या खेतों में मेहनत करने वाले किसान, कारखानों में काम करने वाले मज़दूर हों या सफाईकर्मी—ये दिन हर उस व्यक्ति को सम्मान देने का अवसर है जो श्रम से जीवन का पहिया घुमा रहा है।

इस दिन रैलियां, सभाएं, जागरूकता कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं, जो न सिर्फ श्रमिकों की उपलब्धियों को सलाम करते हैं बल्कि उनके अधिकारों की याद भी दिलाते हैं। ये दिवस हमें मेहनत की असली कीमत समझाने का सशक्त प्रतीक है।

सिर्फ अवकाश नहीं

1 मई को कई देशों में राष्ट्रीय अवकाश होता है, भारत में भी कई राज्य इस दिन छुट्टी घोषित करते हैं। लेकिन ये सिर्फ छुट्टी का दिन नहीं, बल्कि मजदूर वर्ग के संघर्ष, उपलब्धियों और उनके अधिकारों की याद दिलाने का अवसर है। इस दिन संगठनों द्वारा रैलियां, सभाएं और विचार गोष्ठियां आयोजित की जाती हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें