गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर हर दिन भगवान गणेश को अलग-अलग भोग अर्पित करने की खास परंपरा है। इस उत्सव के दूसरे दिन बप्पा के भोग के लिए चावल की खीर बनाना बहुत शुभ माना जाता है। खीर शुद्धता, मिठास और समृद्धि का प्रतीक है, जिससे माना जाता है कि इससे भगवान की प्रसन्नता बढ़ती है और घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है।
