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बांग्लादेश में ईंधन संकट! तारिक रहमान सरकार ने भारत से मांगी 50,000 टन अतिरिक्त डीजल की मदद

Bangladesh Fuel Shortage: बांग्लादेश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक भारत पर निर्भर है। भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन समझौते के तहत भारत हर साल पाइपलाइन के जरिए 1.80 लाख टन डीजल की आपूर्ति करता है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 10, 2026 पर 2:25 PM
बांग्लादेश में ईंधन संकट! तारिक रहमान सरकार ने भारत से मांगी 50,000 टन अतिरिक्त डीजल की मदद
ईरान युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल सप्लाई बाधित हुई है, जिससे बांग्लादेश में कीमतों और आपूर्ति पर भारी दबाव है।

Bangladesh: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच बांग्लादेश में ईंधन का गहरा संकट खड़ा हो गया है। अपनी घटती तेल भंडार को बचाने और देश में किल्लत रोकने के लिए बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने भारत से अगले चार महीनों मार्च से जून के लिए अतिरिक्त 50,000 मीट्रिक टन डीजल की औपचारिक मांग की है। ईंधन की इस कमी और आपातकालीन जरूरत के बारे में बांग्लादेश के वित्त मंत्री अमीर खसरू महमूद चौधरी ने 9 मार्च को भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा के साथ विस्तार से चर्चा की।

ईरान युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल सप्लाई बाधित हुई है, जिससे बांग्लादेश में कीमतों और आपूर्ति पर भारी दबाव है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत इस अतिरिक्त अनुरोध की पॉजिटिव समीक्षा कर रहा है। नई सरकार के साथ भी भारत अपने मजबूत रिश्तों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

मैत्री पाइपलाइन और मौजूदा सप्लाई

बांग्लादेश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक भारत पर निर्भर है। भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन समझौते के तहत भारत हर साल पाइपलाइन के जरिए 1.80 लाख टन डीजल की आपूर्ति करता है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPC) के चेयरमैन मोहम्मद रेजानुर रहमान ने बताया कि 10 मार्च को 5,000 टन डीजल की एक खेप बांग्लादेश पहुंच रही है। सरकार की योजना है कि अगले दो महीनों के भीतर छह महीने के कोटे का पूरा डीजल भारत से मंगवा लिया जाए ताकि संकट को टाला जा सके।

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