ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद खाड़ी देश अपने बजट पर दबाव कम करने के विकल्पों के बारे में सोच रहे हैं। इसके तहत ये देश अपने विदेशी निवेश और भविष्य के कमिटमेंट का रिव्यू करना शुरू कर सकते हैं। यह बात फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में कही गई है। अखबार ने खाड़ी के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि इस इलाके में जो संघर्ष हुआ है, उसका असर दूसरे देशों या कंपनियों को निवेश के वादे, स्पोर्ट्स स्पॉन्सरशिप, बिजनेस और निवेशकों के साथ कॉन्ट्रैक्ट, या होल्डिंग्स की बिक्री पर पड़ सकता है। खासकर अगर युद्ध और उससे जुड़े खर्चे इसी रफ्तार से जारी रहे तो।
