एशिया की फिजाओं में कुछ अजीब सा है। हवा में अनकही बेचैनी, धरती के नीचे घुलता तनाव, और ऊपर आसमान में पसरा हुआ एक अज्ञात डर... 5 जुलाई को लेकर एक ऐसी डरावनी और खौफनाक भविष्यवाणी की गई है, जिसे लेकर हर कोई डर के साए में जी रहा है। एक ऐसी भविष्यवाणी, जो तीन दशकों पुराने मंगा में छिपी थी और जिसने ये भविष्यवाणी की है, पहले भी उसकी दो विनाशकारी भविष्यवाणी सटीक साबित हुई है। अब वही मंगा कहता है: "समुद्र फटेगा, लहरें उठेंगी, और जापान फिर बह जाएगा..."
