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घर में नहीं हैं दाने, पाकिस्तान चला भुनाने! सिर पर 2.5 अरब डॉलर कर्ज, फिर भी 1 अरब डॉलर देकर ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में होगा शामिल

आलम ये है कि जहां एक तरफ पाकिस्तान UAE से लिए गए 2.5 अरब डॉलर के कर्ज को चुकाने और IMF को खुश रखने की कोशिश कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ शांति का वादा करने वाले एक बोर्ड का स्थायी सदस्य बनने के लिए करीब 1 अरब डॉलर भी खर्च कर रहा है

Shubham Sharmaअपडेटेड Jan 22, 2026 पर 4:07 PM
घर में नहीं हैं दाने, पाकिस्तान चला भुनाने! सिर पर 2.5 अरब डॉलर कर्ज, फिर भी 1 अरब डॉलर देकर ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में होगा शामिल
सिर पर 2.5 अरब डॉलर कर्ज, फिर भी 1 अरब डॉलर देकर ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होगा पाकिस्तान

पाकिस्तान ने ऐलान किया है कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बनाए गए नए "बोर्ड ऑफ पीस" में शामिल होगा, जो युद्ध की मार झेल रहे गाजा में स्थायी युद्धविराम और पुनर्निर्माण को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक राजनयिक पहल है। यह कदम ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान खुद ही आर्थिक उथल-पुथल से जूझ रहा है और खाड़ी देशों के अपने साझेदारों से कुछ वित्तीय मदद हासिल करन में लगा है।

आलम ये है कि जहां एक तरफ पाकिस्तान UAE से लिए गए 2.5 अरब डॉलर के कर्ज को चुकाने और IMF को खुश रखने की कोशिश कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ शांति का वादा करने वाले एक बोर्ड का स्थायी सदस्य बनने के लिए करीब 1 अरब डॉलर भी खर्च कर रहा है।

1 अरब डॉलर का ‘शांति’ आयोग

‘शांति बोर्ड’ में आठ इस्लामी देश शामिल हैं, और पाकिस्तान अब आधिकारिक तौर पर उनमें से एक है। विदेश मंत्री इशाक डार ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह गाजा शांति योजना के प्रति देश के समर्थन के अनुरूप है। द ट्रिब्यून के अनुसार, उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि यह बोर्ड स्थायी युद्धविराम लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने में मदद करेगा।”

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