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Saudi-Pakistan Defence Pact: 'दरवाजे बंद नहीं हुए हैं..'; सऊदी से रक्षा समझौते के बाद पाकिस्तान ने भारत को भेजा संदेश

Saudi Arabia-Pakistan defence pact: पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक रणनीतिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर होने के एक दिन बाद भारत ने गुरुवार (18 सितंबर) को कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी कदम उठाएगा। इस बीच, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने भारत को एक संदेश भेजा है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Sep 19, 2025 पर 1:49 PM
Saudi-Pakistan Defence Pact: 'दरवाजे बंद नहीं हुए हैं..'; सऊदी से रक्षा समझौते के बाद पाकिस्तान ने भारत को भेजा संदेश
Saudi Arabia-Pakistan defence pact: सऊदी और पाकिस्तान में से किसी भी देश पर किसी भी हमले को दोनों पर आक्रमण माना जाएगा

Saudi Arabia-Pakistan Defence Pact News: सऊदी अरब के साथ एक ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गुरुवार (18 सितंबर) को कहा कि इस व्यवस्था में शामिल होने के लिए अन्य देशों के लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। पाकिस्तान और सऊदी अरब ने एक रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अनुसार उनमें से किसी भी देश पर किसी भी हमले को दोनों के विरुद्ध आक्रमण माना जाएगा।

यह समझौता कतर में हमास नेतृत्व पर इजरायली हमले के कुछ दिनों बाद हुआ है, जो खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका का एक प्रमुख सहयोगी है। भारत ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए गुरुवार को कहा कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर इस समझौते के प्रभावों का अध्ययन करेगा।

इस बीच, 'जियो न्यूज' को दिए एक इंटरव्यू में आसिफ ने संकेत दिया कि इस समझौते में और अधिक मुस्लिम देशों के शामिल होने की हमेशा गुंजाइश है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह देशों और यहां के लोगों, खासकर मुस्लिम आबादी का मौलिक अधिकार है कि वे अपने क्षेत्र, देशों और राष्ट्रों की मिलकर रक्षा करें।"

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान ने अरब देशों के लिए Nato जैसे गठबंधन के विचार का लगातार समर्थन किया है। आसिफ ने इंटरव्यू में भारत के साथ पाकिस्तान की ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता की ओर इशारा किया जिसमें दोनों देश आजादी के बाद से चार युद्ध लड़ चुके हैं। इस्लामाबाद भारत को एक खतरा मानता है।

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि समझौते में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो किसी अन्य देश की एंट्री पर प्रतिबंध लगाता हो। उन्होंने सुझाव दिया कि पाकिस्तान अन्य देशों के साथ भी ऐसे समझौते कर सकता है। यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान के परमाणु हथियार भी इस समझौते के अंतर्गत आती हैं।

इस पर आसिफ ने कहा, "हमारे पास जो कुछ है इस समझौते के तहत निश्चित रूप से उपलब्ध होंगी। लेकिन मैं यह कहना चाहूंगा कि जब से पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति संपन्न देश बना है, तब से किसी ने भी एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति होने के हमारे दर्जे को चुनौती नहीं दी है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने हमेशा अपनी परमाणु सुविधाओं को निरीक्षण के लिए पेश किया है और कभी कोई उल्लंघन नहीं किया है।" जब उनसे पूछा गया कि क्या एक देश पर हमला करने से दूसरा देश भी स्वतः ही इसमें शामिल हो जाएगा, तो मंत्री ने कहा, "हां, बिल्कुल। इसमें कोई संदेह नहीं है।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो पाकिस्तान और न ही सऊदी अरब ने इस रक्षा समझौते के कार्यान्वयन को किसी विशिष्ट देश से जोड़ा है। उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा रक्षा समझौता है जो दोनों पक्षों द्वारा प्रदान किया गया है। अगर किसी भी पक्ष पर किसी भी ओर से आक्रमण होता है, तो उसका संयुक्त रूप से बचाव किया जाएगा और उसका जवाब दिया जाएगा।"

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