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होर्मुज के बाद 'बाब अल-मंडेब' पर मंडरा रहा संकट! सऊदी ने अमेरिका को बोला- 'जल्द से जल्द खत्म करो होर्मुज की नाकेबंदी'

Saudi Arabia Hormuz Blockade: सऊदी अरब इस समय फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। एक तरफ सऊदी अमेरिका से बातचीत की वकालत कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह हुती विद्रोहियों के संपर्क में भी है ताकि रेड सी में उसके जहाजों पर हमले न हों। वैसे सऊदी अरब यह भी नहीं चाहता कि युद्ध इस तरह खत्म हो कि होर्मुज पर ईरान का पूरा कंट्रोल बना रहे

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 14, 2026 पर 4:14 PM
होर्मुज के बाद 'बाब अल-मंडेब' पर मंडरा रहा संकट! सऊदी ने अमेरिका को बोला- 'जल्द से जल्द खत्म करो होर्मुज की नाकेबंदी'
सऊदी अरब का मानना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई आग में घी डालने का काम कर रही है

Saudi Arabia: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब सऊदी अरब ने अमेरिका के सख्त रुख पर चिंता जताई है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने अमेरिका पर दबाव डाला है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की समुद्री नाकेबंदी को तुरंत खत्म करे और ईरान के साथ बातचीत की मेज पर लौटे। दरअसल सऊदी अरब का मानना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई आग में घी डालने का काम कर रही है और इससे दुनिया भर के शिपिंग रूट्स पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

आखिर क्यों डरा हुआ है सऊदी अरब?

सऊदी अरब की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर ईरान को होर्मुज में दबाया गया, तो वह जवाबी कार्रवाई के लिए लाल सागर को चुन सकता है। होर्मुज की नाकेबंदी के बाद सऊदी अरब ने अपना तेल पाइपलाइनों के जरिए रेड सी की तरफ मोड़ दिया है। अब उसे डर है कि ईरान अपने सहयोगी हुती विद्रोहियों के जरिए बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को निशाना बना सकता है। अगर बाब अल-मंडेब बंद होता है, तो सऊदी अरब के पास तेल निर्यात का कोई भी सुरक्षित रास्ता नहीं बचेगा।

सऊदी अरब की दोहरी रणनीति

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