Cole Allen: टीचर है हमलावर, सीक्रेट हथियार को असेंबल कर झोंका फायर; इस 'मास्टरप्लान प्लान' से सभी सन्न

Donald Trump-Cole Allen: घटना के समय वहां मौजूद वॉलंटियर हेलेन मेबस ने बताया कि हमलावर का हथियार सामान्य बंदूक जैसा नहीं दिख रहा था। एलेन ने अपने बैग से एक 'लंबा हथियार' निकाला और उसे मौके पर ही असेंबल किया। हथियार असेंबल होते ही उसने बॉलरूम की ओर बढ़ने की कोशिश की और अंधाधुंध 7 से 8 गोलियां चलाईं

अपडेटेड Apr 26, 2026 पर 11:33 AM
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आरोपी वॉशिंगटन के उसी हिल्टन होटल में एक मेहमान के तौर पर ठहरा हुआ था जहां ट्रंप का कार्यक्रम था

Trump Attack Cole Allen: वॉशिंगटन डीसी के हिल्टन होटल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की कोशिश करने वाले संदिग्ध को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। हमलावर कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि कैलिफोर्निया का एक टीचर निकला। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वह सुरक्षा घेरे को चकमा देकर होटल के भीतर हथियार ले जाने में कामयाब रहा। सीक्रेट सर्विस अब इस बात की जांच कर रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

कौन है हमलावर कोल एलेन?

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर की पहचान 31 वर्षीय कोल एलेन (Cole Allen) के रूप में हुई है। एलेन कैलिफोर्निया के टॉरेंस का रहने वाला है और पेशे से एक टीचर बताया जा रहा है। एक फेडरल लॉ एनफोर्समेंट सोर्स ने उसकी पहचान की पुष्टि की है। अभी तक उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, जिससे जांच एजेंसियां और भी हैरान हैं।


हिल्टन होटल में ही ठहरा था आरोपी

वॉशिंगटन DC पुलिस प्रमुख जेफ्री कैरोल ने खुलासा किया कि आरोपी ने होटल की सुरक्षा भेदने के लिए एक शातिर तरीका अपनाया। आरोपी उसी वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में एक मेहमान के तौर पर ठहरा हुआ था। इस वजह से वह पहले से ही सुरक्षा घेरे के भीतर मौजूद था। वह टेरेस एंट्री के पास एक ऐसे स्टोर रूम में छिपा था जहां बार का सामान रखा था। चश्मदीदों के मुताबिक, उस छोटे से कमरे में कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था।

बैग से निकाला हथियार और शुरू कर दी फायरिंग

घटना के समय वहां मौजूद वॉलंटियर हेलेन मेबस ने बताया कि हमलावर का हथियार सामान्य बंदूक जैसा नहीं दिख रहा था। एलेन ने अपने बैग से एक 'लंबा हथियार' निकाला और उसे मौके पर ही असेंबल किया। हथियार असेंबल होते ही उसने बॉलरूम की ओर बढ़ने की कोशिश की और अंधाधुंध 7 से 8 गोलियां चलाईं। इस दौरान एक एजेंट को करीब से गोली लगी, लेकिन 'बुलेटप्रूफ वेस्ट' ने उसकी जान बचा ली।

जब टेबल के नीचे छिपे रहे दिग्गज

जैसे ही फायरिंग शुरू हुई, ब्लैक-टाई इवेंट में चीख-पुकार मच गई। हॉल में मौजूद 2,600 से ज्यादा मेहमान, जिनमें बड़े पत्रकार और राजनेता शामिल थे, टेबल के नीचे छिप गए। सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने तुरंत ट्रंप, मेलानिया और जेडी वेंस को ढाल बनकर घेरा और सुरक्षित एग्जिट गेट की ओर ले गए।

सीक्रेट सर्विस के सामने बड़ी चुनौतियां

इस हमले ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या होटल में ठहरे मेहमानों की गतिविधियों पर नजर नहीं रखी जा रही थी? बैग में हथियार के हिस्से लेकर वह मेटल डिटेक्टर से कैसे बच निकला? पुलिस अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एक टीचर आखिर राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश तक कैसे पहुंचा।

इस घटना के बाद ट्रंप ने कहा कि, 'सीक्रेट सर्विस और पुलिस ने शानदार काम किया। उनकी बहादुरी की वजह से ही आज हम सुरक्षित हैं। हमलावर अब हिरासत में है और जांच जारी है।'

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