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Umar Khalid: 8 अमेरिकी सांसदों ने उमर खालिद के समर्थन में लिखा पत्र, दिल्ली दंगों के मामले में हिरासत पर उठाए सवाल

Umar Khalid: 8 अमेरिकी सांसदों ने भारत सरकार को एक चिट्ठी लिखकर दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद उमर खालिद को इंटरनेशनल कानून के मुताबिक जमानत देने और निष्पक्ष सुनवाई करने की अपील की है। उमर खालिद के माता-पिता दिसंबर में कुछ अमेरिकी सांसदों से मिले थे। रिपोर्ट के मुताबिक उमर खालिद के पिता SIMI के पूर्व सदस्य हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jan 02, 2026 पर 8:15 AM
Umar Khalid: 8 अमेरिकी सांसदों ने उमर खालिद के समर्थन में लिखा पत्र, दिल्ली दंगों के मामले में हिरासत पर उठाए सवाल
Umar Khalid: उमर खालिद के माता-पिता दिसंबर में कुछ अमेरिकी सांसदों से मुलाकात की थी

Umar Khalid: आठ अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसदों ने वाशिंगटन में भारत के राजदूत को एक पत्र लिखकर दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद JNU के पूर्व छात्र और एक्टिविस्ट उमर खालिद के लिए जमानत और निष्पक्ष, समय पर सुनवाई की मांग की हैखालिद गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत करीब पांच साल से अधिक समय से बिना सुनवाई के जेल में हैंसांसदों ने लंबे समय तक बिना सुनवाई के हिरासत और अंतरराष्ट्रीय कानूनी मानकों पर चिंता जताई हैउमर खालिद के माता-पिता दिसंबर में कुछ अमेरिकी नेताओं से मिले थे

रिपोर्ट के मुताबिक, उमर खालिद के पिता SIMI के पूर्व सदस्य हैंअमेरिकी प्रतिनिधियों जिम मैकगवर्न और जेमी रस्किन के नेतृत्व वाले इस लेटर में भारतीय अधिकारियों से खालिद को जमानत देने और यह सुनिश्चित करने की अपील की हैउनका कहना है कि उनकी सुनवाई बिना किसी और देरी के शुरू होजवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र खालिद को 2020 के दिल्ली दंगों के पीछे कथित बड़ी साज़िश के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया थातब से वह जेल में बंद हैं

मैकगवर्न और रस्किन के अलावा लेटर पर सिग्नेचर करने वालों में डेमोक्रेटिक सांसद क्रिस वैन होलेन, पीटर वेल्च, प्रमिला जयपाल, जैन शाकोव्स्की, रशीदा तलैब और लॉयड डॉगेट शामिल हैंभारत के लोकतांत्रिक संस्थानों के प्रति अपने सम्मान पर जोर देते हुए सांसदों ने सवाल उठाया कि बिना सुनवाई शुरू हुए खालिद की लगातार हिरासत इंटरनेशनल कानूनी मानदंडों के साथ कैसे मेल खाती है

उन्होंने इस बात का भी स्पष्टीकरण मांगा कि उनकी गिरफ्तारी के पांच साल से ज्यादा समय बाद भी न्यायिक कार्यवाही क्यों शुरू नहीं हुई हैलेटर में सांसदों ने नई दिल्ली पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि खालिद को उचित प्रक्रिया मिलेसाथ ही उनके मामले की निष्पक्ष और समय पर सुनवाई हो

उन्होंने भारत के आतंकवाद विरोधी कानून के तहत बिना सुनवाई के हिरासत के लंबे समय तक इस्तेमाल और नागरिक स्वतंत्रता पर इसके प्रभावों पर चिंता जताईमैकगवर्न ने बाद में एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस अपील को और आगे बढ़ायाइसमें कहा गया कि वह इस महीने की शुरुआत में वाशिंगटन में खालिद के माता-पिता से मिले थे

मैकगवर्न ने लिखा, "इस महीने की शुरुआत में मैं उमर खालिद के माता-पिता से मिला, जो पांच साल से ज़्यादा समय से भारत में बिना सुनवाई के जेल में हैं" उन्होंने कहा कि वह और रस्किन अपने सहयोगियों के साथ मिलकर भारतीय अधिकारियों से अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार खालिद को ज़मानत और निष्पक्ष, समय पर सुनवाई देने का आग्रह कर रहे हैं

उमर को लगातार मिल रही है जमानत

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