Get App

तेल, गैस, मिनरल या राष्ट्रीय सुरक्षा! ग्रीनलैंड को किसी भी कीमत पर क्यों हासिल करना चाहता है अमेरिका?

ट्रंप की असिस्टेंड और व्हाइट हाउस की 36वीं प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट का कहना है कि ग्रीनलैंड को हासिल करने में अमेरिका की रुचि लंबे समय से रही है। भले ही अमेरिका इसे खरीदना या कब्जाना चाहता है, लेकिन डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकार ने साफ कर दिया है कि यह द्वीप बिकाऊ नहीं है। उनके लिए यह केवल जमीन नहीं, बल्कि उनकी पहचान और संप्रभुता का मामला है।

Shubham Sharmaअपडेटेड Jan 08, 2026 पर 6:50 PM
तेल, गैस, मिनरल या राष्ट्रीय सुरक्षा! ग्रीनलैंड को किसी भी कीमत पर क्यों हासिल करना चाहता है अमेरिका?
Greenland Trump: ग्रीनलैंड को किसी भी कीमत पर क्यों हासिल करना चाहता है अमेरिका?

वेनेजुएला पर हमला और राष्ट्रपति मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद अमेरिका ने अब ग्रीनलैंड को हासिल करने की अपनी पुरानी इच्छा को फिर से जाहिर किया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की असिस्टेंड और व्हाइट हाउस की 36वीं प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट का कहना है कि ग्रीनलैंड को हासिल करने में अमेरिका की रुचि लंबे समय से रही है। इसका कारण है- राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्कटिक में रूस और चीन के प्रभाव का मुकाबला करना।

8 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “अमेरिका का ग्रीनलैंड को हासिला करना कोई नया विचार नहीं है; 1800 के दशक से ही राष्ट्रपति यह कहते आ रहे हैं कि यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए फायदेमंद है।”

उन्होंने आगे कहा, “राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र और पूरी दुनिया के सामने खुलकर कहा है कि वे आर्कटिक रीजन में रूस और चीन की आक्रामकता को रोकने के लिए अमेरिका के सर्वोत्तम हित में इसका इस्तेमाल करेंगे।”

हालांकि, अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने इस विचार को खारिज कर दिया है, लेकिन और भी कई ऐसे कारण हैं, जिनके चलते US से इस द्वीप को "राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता" मानता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें