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दुनिया पर दशकों के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की आहट, IEA चीफ फातिह बिरोल की चेतावनी- 1970 के 'ऑयल शॉक' से भी बदतर हो सकते है हालात

Global Energy Crisis: फातिह बिरोल ने मौजूदा स्थिति की तुलना 1970 के दशक के ऐतिहासिक 'ऑयल शॉक' से की है। बिरोल के अनुसार, आज की स्थिति में दुनिया पहले ही 11 मिलियन बैरल प्रतिदिन का नुकसान झेल रही है। यानी आज का संकट पिछले दो बड़े ऐतिहासिक संकटों के योग से भी कहीं ज्यादा बड़ा और गंभीर है

Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 23, 2026 पर 12:50 PM
दुनिया पर दशकों के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की आहट, IEA चीफ फातिह बिरोल की चेतावनी- 1970 के 'ऑयल शॉक' से भी बदतर हो सकते है हालात
IEA चीफ के अनुसार इस संकट का सबसे बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना है

Energy Crisis: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने दुनिया को एक गंभीर चेतावनी दी है। 23 मार्च को ऑस्ट्रेलिया में बोलते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया पिछले कई दशकों के सबसे भीषण ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तनाव ने वैश्विक तेल आपूर्ति को इस कदर हिला दिया है कि अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा है।

1970 के संकट से भी बड़ी तबाही

फातिह बिरोल ने मौजूदा स्थिति की तुलना 1970 के दशक के ऐतिहासिक 'ऑयल शॉक' से की है। 1970 के दशक में आए दो बड़े तेल संकटों के दौरान दुनिया ने कुल मिलाकर लगभग 10 मिलियन यानी 1 करोड़ बैरल प्रतिदिन की सप्लाई खोई थी। बिरोल के अनुसार, आज की स्थिति में दुनिया पहले ही 11 मिलियन बैरल प्रतिदिन का नुकसान झेल रही है। यानी आज का संकट पिछले दो बड़े ऐतिहासिक संकटों के योग से भी कहीं ज्यादा बड़ा और गंभीर है।

होर्मुज जलडमरूमध्य है संकट की जड़

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