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Farming Tips: अब महंगी खाद की छुट्टी, मटका खाद से होगा बड़ा फायदा, जानिए आसान तरीका

Matka Khad Farming Tips: छत्तीसगढ़ के सरगुजा में किसान मटका खाद से कम लागत में बेहतर खेती कर रहे हैं। गौमूत्र, गोबर और किचन वेस्ट से बनी यह प्राकृतिक खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है और रासायनिक खर्च घटाती है। खासकर सब्जी खेती में इसका असर ज्यादा दिख रहा है और आय बढ़ाने में मदद मिल रही है

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Mar 28, 2026 पर 11:03 AM
Farming Tips: अब महंगी खाद की छुट्टी, मटका खाद से होगा बड़ा फायदा, जानिए आसान तरीका
Farming Tips: इस विधि की खासियत ये है कि इसमें घर से निकलने वाला जैविक कचरा भी काम आता है।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में खेती का तरीका धीरे-धीरे बदल रहा है और किसान अब पारंपरिक ज्ञान के साथ नए देसी प्रयोग अपना रहे हैं। इन्हीं में से एक है मटका खाद, जिसने कम खर्च में बेहतर उत्पादन का रास्ता खोल दिया है। पहले जिस मटके का इस्तेमाल सिर्फ पानी ठंडा रखने के लिए होता था, अब वही खेती के लिए पौष्टिक जैविक खाद तैयार करने में काम आ रहा है। इस तकनीक को अंबिकापुर के कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है, जहां किसानों को इसकी ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

खास बात ये है कि इसमें महंगे संसाधनों की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि घर और पशुओं से मिलने वाली साधारण चीजों से ही खाद तैयार हो जाती है। इससे न केवल लागत घट रही है, बल्कि मिट्टी की सेहत भी बेहतर बनी रहती है और फसल की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिल रहा है।

मटका खाद बनाने का आसान तरीका

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक मटका खाद तैयार करना बेहद सरल है। इसके लिए गौमूत्र, गोबर, सब्जियों के छिलके, बेसन, गुड़ और हल्दी जैसी चीजों को एक मटके में डालकर 15–20 दिनों तक सड़ने दिया जाता है। कुछ ही दिनों में ये मिश्रण पौष्टिक जैविक खाद में बदल जाता है, जिसे सीधे खेतों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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