छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में खेती का तरीका धीरे-धीरे बदल रहा है और किसान अब पारंपरिक ज्ञान के साथ नए देसी प्रयोग अपना रहे हैं। इन्हीं में से एक है मटका खाद, जिसने कम खर्च में बेहतर उत्पादन का रास्ता खोल दिया है। पहले जिस मटके का इस्तेमाल सिर्फ पानी ठंडा रखने के लिए होता था, अब वही खेती के लिए पौष्टिक जैविक खाद तैयार करने में काम आ रहा है। इस तकनीक को अंबिकापुर के कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है, जहां किसानों को इसकी ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
