Shani Asta in Meen Rashi: ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को सबसे महत्वपूर्ण ग्रहों में से एक माना जाता है। ये ग्रह किसी राशि में कम से कम ढाई साल तक रहते हैं। इतना ही नहीं किसी राशि में शनि का गोचर एक साथ तीन राशियों को प्रभावित करता है। माना जाता है कि शनि जिस जातक की राशि में गोचर करते हैं, उसे उसके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। इसलिए इन्हें कर्मफलदाता भी कहा हाता है। नवग्रहों में शनि को न्याय, अनुशासन और जिम्मेदारियों का कारक माना जाता है। शनि के राशि परिवर्तन से देश-दुनिया की घटनाएं भी प्रभावित होती हैं। कहते हैं कि जब भी शनि की चाल या स्थिति बदलती है, तो इन सभी क्षेत्रों में भी बदलाव आते हैं। इस साल 2026 में होली के बाद शनि की स्थिति में बदलाव होने जा रहा है। शनि ग्रह मीन राशि में अस्त होंगे, जो तीन राशियों के जीवन में शुभ साबित होगा।
