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Budget 2025 : इंफ्रा प्रोजेक्ट में देरी पर इन्वेस्टर्स को नहीं झेलना होगा नुकसान, बजट में हो सकता है खास फंड का ऐलान

Union Budget 2025 : नुकसान की भरपाई के लिए बजट में एक खास फंड का ऐलान संभव है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस फंड के जरिए डेवलपर को रिस्क कवर की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा विदेशी और घरेलू इन्वेस्टर्स दोनों को मिल सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 23, 2025 पर 10:18 AM
Budget 2025 : इंफ्रा प्रोजेक्ट में देरी पर इन्वेस्टर्स को नहीं झेलना होगा नुकसान, बजट में हो सकता है खास फंड का ऐलान
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस फंड का इस्तेमाल ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट के लिए होगा

Union Budget : अब इंफ्रा प्रोजेक्ट में देरी पर इन्वेस्टर्स को नुकसान नहीं झेलना होगा। बजट में इंफ्रा प्रोजेक्ट में देरी पर इसकी भरपाई के लिए एक खास फंड का एलान हो सकता है। ये पूरी खबर बताते हुए सीएनबीसी-आवाज के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने बताया कि ये फंड किस तरह से काम करेगा और इसकी जरूरत क्यों पड़ी, इस पर नजर डालें तो इसको इंफ्रा प्रोजेक्ट में देरी होने पर नुकसान के भरपाई के लिए बनाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस फंड के चलते इंफ्रा प्रोजेक्ट में देरी पर इन्वेस्टर्स को नुकसान नहीं होगा।

नुकसान की भरपाई के लिए बजट में एक खास फंड का ऐलान संभव है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस फंड के जरिए डेवलपर को रिस्क कवर की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा विदेशी और घरेलू इन्वेस्टर्स दोनों को मिल सकती है। सूत्रों का यह भी कहना है कि इस फंड का इस्तेमाल ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट के लिए होगा। इसके जरिए सरकारी मंजूरी और जमीन अधिग्रहण में देरी पर निवेशकों को होने वाली नुकसान की भरपाई होगी।

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बताते चलें कि 2024 के आकंड़ों के मुतीबक सरकार के बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में हो रही देरी की वजह से करीब 60 फीसद प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की लागत बढ़ गई है। करीब 1454 सरकारी प्रोजेक्ट्स पर सरकार की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रोजेक्ट में हो रही देरी की वजह से लागत करीब 22 फीसद यानी 4.46 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई है। पहले इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर 20.59 लाख करोड़ रुपए की लागत आंकी गई थी लेकिन अब लागत बढ़कर 25.05 लाख करोड़ रुपए हो गई है। इन सभी प्रोजेक्ट्स में वे प्रोजेक्ट शामिल हैं जिन पर लागत 150 करोड़ रुपए से ऊपर आंकी गई थी। सरकार अब इस तरह की देरी की वजह से निवेशकों को होने वाले नुकसान की भरपाई के उपाय पर फोकस कर रही है जिससे कि इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में निवेशकों का रुचि बनाए रखी जा सके।

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