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Budget 2025: निर्मला सीतारमण के इन 3 एलानों से बढ़ेगी इकोनॉमी की ग्रोथ

इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का मानना है कि इकोनॉमी ग्रोथ बढ़ाने के लिए सरकार को पीएलआई स्कीम का दायरा बढ़ाना चाहिए। अभी इस स्कीम के तहत 14 सेक्टर आते हैं। कुछ नए और उभरते हुए सेक्टर्स को इसके दायरे में लाने का ऐलान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को करना चाहिए

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 14, 2025 पर 12:38 PM
Budget 2025: निर्मला सीतारमण के इन 3 एलानों से बढ़ेगी इकोनॉमी की ग्रोथ
सरकार को ग्रामीण इलाकों में लोगों की इनकम बढ़ाने के उपाय बजट में करने होंगे।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ऐसे वक्त यूनियन बजट 2025 पेश करने जा रही हैं, जब इकोनॉमी की ग्रोथ सुस्त पड़ गई है। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ सिर्फ 5.4 फीसदी रही। सरकार इकोनॉमी में स्लोडाउन के संकेत से चिंतित है। अगर जल्द जीडीपी ग्रोथ नहीं बढ़ती है तो साल 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का टारगेट पूरा नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मीटिंग में इकोनॉमिस्ट्स ने सरकार को कंजम्प्शन बढ़ाने की सलाह दी थी। उनका मानना है कि कंजम्प्शन बढ़ने से इकोनॉमी की ग्रोथ बढ़ेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को इसके लिए बड़े ऐलान कर सकती हैं।

पूंजीगत खर्च 10-15 फीसदी बढ़ाना होगा

एक्सिस बैंक में चीफ इकोनॉमिस्ट नीलकंठ मिश्रा ने कहा कि इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने में प्राइवेट सेक्टर की बड़ी भूमिका हो सकती है। हालांकि, सरकार ने पिछले कुछ सालों में लगातार पूंजीगत खर्च बढ़ाया है। उम्मीद है कि पूंजीगत खर्च पर सरकार का फोकस आगे भी बना रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इकोनॉमी ग्रोथ बढ़ाने के लिए इनकम टैक्स घटाने से पहले कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाने पर फोकस करने की जरूरत है।

टैक्स फ्रेमवर्क में स्टैबिलिटी जरूरी है

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