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Budget 2026 Expectations : कैपिटल खर्च में खास बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं, रोजगार बढ़ाने पर जारी रहेगा फोकस

Budget 2026 Expectations : राधवी देशपांडे का मानना है कि बजट में कैपिटल खर्च में बड़ी बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। उम्मीद है कि कैपेक्स ग्रोथ मोटे तौर पर नॉमिनल GDP ग्रोथ के बराबर रहेगी। पिछले कुछ सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर पहले ही काफी खर्च करने के बाद,अब सरकार फिस्कल क्रेडिबिलिटी बनाए रखते हुए मोमेंटम बनाए रखने पर फोकस करती दिख रही है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jan 25, 2026 पर 3:17 PM
Budget 2026 Expectations : कैपिटल खर्च में खास बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं, रोजगार बढ़ाने पर जारी रहेगा फोकस
Budget 2026 Expectations : इस बजट में रोज़गार पैदा करने पर सरकार का फोकस रहने की संभावना है। खपत में लगातार ग्रोथ के लिए टिकाऊ इनकम ग्रोथ ज़रूरी है। ऐसे में किसी भी इकॉनमी में नौकरियों की क्वालिटी और स्थिरता बहुत ज़रूरी हो जाती है

Budget 2026 Expectations : इस बार के यूनियन बजट में कैपिटल खर्च में खास बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। उम्मीद है कि कैपेक्स ग्रोथ मोटे तौर पर नॉमिनल GDP ग्रोथ के बराबर रहेगी। ये बातें कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर राधवी देशपांडे ने मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में कही हैं। उन्होंने आगे कहा कि विदेशी पूंजी को आकर्षित करना सरकार की एक बड़ी प्राथमिकता बनी रहेगी। इससे पॉलिसी में निरंतरता, कैपिटल मार्केट सुधारों और बिज़नेस करने में आसानी में सुधारों से सपोर्ट मिलेगा। ये कदम निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में मदद करते हैं,लेकिन टिकाऊ विदेशी निवेश तभी वापस आएगा जब वैल्यूएशन ज़्यादा वाजिब होंगे और अर्निंग में ग्रोथ मज़बूत होगी।

हालांकि पॉलिसी से मिलने वाला सपोर्ट एक ज़रूरी बुनियाद बनाता है, लेकिन टिकाऊ विदेशी निवेश आखिरकार लगातार और मजबूत अर्निंग पर निर्भर करता है। मौजूदा माहौल में सुधार और अर्निंग की बेहतर विजिबिलिटी विदेशी निवेशकों की भागीदारी को फिर से शुरू करने के लिए बहुत ज़रूरी होंगे।

कैपेक्स में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद

राधवी देशपांडे का मानना है कि बजट में कैपिटल खर्च में बड़ी बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। उम्मीद है कि कैपेक्स ग्रोथ मोटे तौर पर नॉमिनल GDP ग्रोथ के बराबर रहेगी। पिछले कुछ सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर पहले ही काफी खर्च करने के बाद,अब सरकार फिस्कल क्रेडिबिलिटी बनाए रखते हुए मोमेंटम बनाए रखने पर फोकस करती दिख रही है।

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