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Budget 2026 Wishlist: एक्सपोर्टर चाहते हैं इनवर्टेड कस्टम ड्यूटी से राहत, कर्ज पर बढ़े ब्याज सब्सिडी

Budget 2026: FIEO ने ज्यादातर माल विदेश में बेचने वाली इंडस्ट्रीज द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी को तर्कसंगत बनाने की सिफारिश की है। CLE ने बोवाइन क्रस्ट और फिनिश्ड लेदर के इंपोर्ट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट को फिर से लागू करने का अनुरोध किया है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jan 23, 2026 पर 1:26 PM
Budget 2026 Wishlist: एक्सपोर्टर चाहते हैं इनवर्टेड कस्टम ड्यूटी से राहत, कर्ज पर बढ़े ब्याज सब्सिडी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी।

देश के निर्यातकों ने आगामी बजट में टैक्स इंसेंटिव, इंपोर्ट ड्यूटी को तर्कसंगत बनाने और वैश्विक बाजारों में ब्रांडिंग व मार्केटिंग के लिए वित्तीय मदद की मांग की है। निर्यातकों का कहना है कि इन कदमों से वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रोडक्ट्स की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। निर्यातकों ने सुझाव दिया है कि बजट में 'इनवर्टेड कस्टम ड्यूटी' का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। इनवर्टेड कस्टम ड्यूटी में तैयार उत्पादों के मुकाबले कच्चे माल, कंपोनेंट या इंटरमीडिएट्स पर अधिक इंपोर्ट ड्यूटी रहती है। यह घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्रभावित करती है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (FIEO) ने ज्यादातर माल विदेश में बेचने वाली इंडस्ट्रीज द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी को तर्कसंगत बनाने की सिफारिश की है।

उदाहरण के तौर पर सिंथेटिक धागे और फाइबर पर तैयार कपड़ों की तुलना में अधिक इंपोर्ट ड्यूटी लगती है। इससे कपड़ा उद्योग प्रभावित हो रहा है। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स जैसे कि प्रिंटेड सर्किट बोर्ड, कनेक्टर और सब-असेंबलीज पर इंपोर्टेड यानि कि आयातित तैयार इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स से ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी है। केमिकल और प्लास्टिक सेक्टर में भी बेसिक कच्चे माल पर तैयार माल से ज्यादा टैक्स है। लेदर और फुटवियर क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर भी हाई ड्यूटी के कारण भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को नुकसान हो रहा है।

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