उद्योगपतियों ने सरकार से अपील की है कि बजट 2026 में विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए एलोकेशन को दोगुना करके 3 लाख करोड़ रुपये किया जाए। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल ने एक बयान में कहा है कि लॉजिस्टिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपतियों ने प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों और विविध क्षेत्रों में भारी एलोकेशन की भी मांग की। काउंसिल के एक हालिया सर्वे में इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस वाले बजट की जरूरत पर जोर दिया गया।
इसमें कहा गया है कि उद्योगपतियों को इस सेक्टर के लिए एलोकेशन के दोगुना होने की उम्मीदें बहुत अधिक हैं। पिछले साल के बजट में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पूंजीगत खर्च का टारगेट 11.21 लाख करोड़ रुपये रखा गया था। पूंजीगत खर्च का बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर रोड बनाने पर खर्च होता है। पिछले साल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एलोकेशन 1.5 लाख करोड़ रुपये था। बजट 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में पेश करेंगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर एलोकेशन दोगुना होने के फायदे
पीटीआई के मुताबिक, लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल के CEO रविकांत यमार्थी का कहना है कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र भारत की आर्थिक रफ्तार के इंजन के रूप में उभर रहा है। ऐसे में बजट 2026 विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत में नए बेंचमार्क सेट करने का एक निर्णायक मौका देता है। इंफ्रास्ट्रक्चर एलोकेशन को दोगुना करने की संभावना सप्लाई चेन दक्षता को और बेहतर कर सकती है। साथ ही वैश्विक तौर पर कॉम्पिटीशन के लिए भारत के हाथ और मजबूत कर सकती है।
उद्योगपतियों ने इस बात पर जोर दिया कि निवेश आकर्षित करने, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि विकास का लाभ सभी क्षेत्रों को मिले, इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लगातार प्लानिंग महत्वपूर्ण है।संजय घोडावत ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर श्रेणिक घोडावत ने कहा कि भारत की अगली खपत लहर को खोलने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है।
सनकनेक्ट के फाउंडर और डायरेक्टर अभिषेक कुमार का कहना है, "हमें डिसेंट्रलाइज्ड सोलर, माइक्रोग्रिड में गंभीर निवेश की जरूरत है। साथ ही, हमें सोलर पैनल और बैटरी के लिए रीसाइक्लिंग और R&D इकोसिस्टम बनाना चाहिए। लोकल बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए घरेलू सप्लाई चेन को प्राथमिकता देनी चाहिए।"
सरकार का है इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार जोर
सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार जोर को नए अवसर खोलने, जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने और देश की आर्थिक गति को बढ़ावा देने वाली शक्ति के रूप में देखा जा रहा है। एक मजबूत और भविष्य के लिए तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर फ्रेमवर्क को भी इनोवेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और सभी इंडस्ट्रीज में सस्टेनेबल प्रोग्रेस की रीढ़ माना जाता है। स्टेकहोल्डर्स का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े सुधार भारत को अपनी फुल आर्थिक क्षमता हासिल करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं।
वर्टेक्स ग्रुप के फाउंडर और प्रेसिडेंट गगन अरोड़ा ने कहा, "हमें वर्ल्ड-क्लास डेटा सेंटर में बड़े निवेश, इन सुविधाओं के लिए किफायती बिजली टैरिफ, और एडवांस्ड कंप्यूटिंग नेटवर्क और AI हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों के लिए टैक्स छूट की उम्मीद है।"