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Budget 2026: इंपोर्टेड लग्जरी कारों पर कस्टम ड्यूटी घटे, सड़कों के लिए ज्यादा पूंजीगत खर्च हो एलोकेट- मर्सिडीज-बेंज इंडिया CEO

Budget 2026: मर्सिडीज-बेंज इंडिया के CEO का कहना है कि कस्टम ड्यूटी में कमी देश में लग्जरी कार इंडस्ट्री को बढ़ने में मदद करेगी। साथ ही सरकार को ज्यादा टैक्स मिलेगा। सड़कों के लिए ज्यादा पूंजीगत खर्च पूरी अर्थव्यवस्था और लग्जरी कार बाजार दोनों के लिए मददगार होगा

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jan 19, 2026 पर 1:24 PM
Budget 2026: इंपोर्टेड लग्जरी कारों पर कस्टम ड्यूटी घटे, सड़कों के लिए ज्यादा पूंजीगत खर्च हो एलोकेट- मर्सिडीज-बेंज इंडिया CEO
Mercedes-Benz India 2026 में हर तिमाही में अपनी गाड़ियों की कीमतें 2 प्रतिशत बढ़ाने पर विचार कर रही है।

मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO संतोष अय्यर ने कहा है कि इंपोर्टेड यानि कि विदेश से आने वाली लग्जरी कारों पर कस्टम ड्यूटी को तर्कसंगत बनाया जाए। इससे प्रीमियम सेगमेंट में मांग बढ़ेगी, जिससे सरकार का टैक्स रेवेन्यू बढ़ेगा। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अय्यर आगामी आम बजट से अपेक्षाओं पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रुपये में जारी गिरावट को रोकने के लिए एक अधिक स्थिर व्यापक आर्थिक नीति और बेहतर वित्तीय प्र​बंधन भी जरूरी है। इससे लग्जरी कार मैन्युफैक्चरर्स को मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इन कंपनियों को बढ़ती लागत के कारण कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिसका असर मांग पर पड़ा है। GST सुधारों के तहत पिछले साल GST रेट्स को तर्कसंगत बनाया गया। यह एक बेहद सकारात्मक कदम था और अब सीमा शुल्क (Custom Duty) के लिए भी ऐसा ही होना चाहिए। बजट 2026 को 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाना है।

अभी इंपोर्टेड पैसेंजर व्हीकल्स पर कितनी कस्टम ड्यूटी

इस समय 40,000 अमेरिकी डॉलर से कम कीमत वाले इंपोर्टेड पैसेंजर व्हीकल्स पर 70 प्रतिशत की बेसिक कस्टम ड्यूटी लगती है। 40,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक कीमत वाले व्हीकल्स पर 110 प्रतिशत की कस्टम ड्यूटी लगाई जाती है। अय्यर ने कहा कि इस ड्यूटी को तर्कसंगत बनाया जा सकता है और एक स्लैब के तहत लाया जा सकता है।

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