क्या आप जानते हैं कि भारत का बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं है? असल में, यह वो आर्थिक कंपास है, जो तय करता है कि अगले एक साल तक सवा सौ करोड़ भारतीयों की जिंदगी और देश की अर्थव्यवस्था किस दिशा में जाएगी। हर साल जब वित्त मंत्री संसद में बजट की कॉपी पेश करते हैं, तो वे केवल खर्चों का हिसाब नहीं देते, बल्कि नए भारत की प्राथमिकताओं की घोषणा भी करते हैं।
