बजट 2026 में विकास को बढ़ावा देने वाले प्रोडक्टिव पूंजीगत खर्च को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, खासकर रक्षा क्षेत्र पर। क्योंकि यह ऐसा वक्त है, जब वैश्विक माहौल अनिश्चितता से भरा हुआ है। यह बात फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने अपने प्री-बजट मेमोरेंडम में कही है। FICCI के मुताबिक, रक्षा बजट बढ़ाना सिर्फ एक बजटीय विकल्प नहीं, बल्कि एक रणनीतिक जरूरत होनी चाहिए। बजट 2025 में रक्षा मंत्रालय को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6,81,210.27 करोड़ रुपये एलोकेट किए गए थे।
