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Budget expectations: रिटायरमेंट प्रोडक्ट्स में कर समानता और माइक्रो इंश्योरेंस को मिले बढ़ावा

Budget expectations : भारत के पेंशन परितंत्र में अभी भी भारी कमी है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली और अन्य औपचारिक पेंशन योजनाओं का लगातार विस्तार हो रहा है,लेकिन मर्सर-सीएफए इंस्टीट्यूट ग्लोबल पेंशन इंडेक्स 2025 के अनुसार, भारत का औपचारिक पेंशन कवरेज कार्यबल की तादाद के मुकाबले 25% से कम है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 28, 2026 पर 5:13 PM
Budget expectations: रिटायरमेंट प्रोडक्ट्स में कर समानता और माइक्रो इंश्योरेंस को मिले बढ़ावा
Budget expectations :बीमा कंपनियां ग्रामीण इलाकों में बीमा के विस्तार के लिए प्रयास कर रही हैं, ऐसे में इनका किफायती होना ज़रूरी है। स्टाम्प शुल्क जैसे मामूली हस्तांतरण खर्च का भी कम कीमत वाले उत्पादों के मूल्य पर असर हो सकता है

तरुण चुघ

Budget expectations : भारत अगले साल के लिए अपना आर्थिक मार्ग तय कर रहा है और इस बीच बीमा क्षेत्र परिवारों की वित्तीय योजना और जोखिम कम करने के लिहाज़ से मुख्य स्तंभ बना हुआ है। हाल के नियामकीय प्रयासों और पहलों से इस क्षेत्र की वृद्धि को समर्थन मिला है, लेकिन व्यापक बीमा संबंधी आंकड़ों से पता चलता है कि इस दिशा में अभी भी काफी प्रयास करना बाकी है।

भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष ‘24 में भारत का कुल बीमा विस्तार सकल घरेलू उत्पाद का 3.7 प्रतिशत था, जिसमें जीवन बीमा की हिस्सेदारी 2.8 प्रतिशत थी। यह स्तर 7 प्रतिशत से ज़्यादा के वैश्विक औसत से कम है। पीडब्ल्यूसी इंडिया की बीमा समावेश से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ग्रामीण इलाके में,जहां लगभग 65 प्रतिशत आबादी रहती है,वहां 10 प्रतिशत से भी कम लोगों के पास जीवन बीमा है। ये बातें इस बात की याद दिलाती हैं कि प्रगति के बावजूद, आबादी के बड़े हिस्से के लिए वित्तीय सुरक्षा की उपलब्धता सीमित है।

इस संदर्भ में,आगामी बजट नीतिगत समर्थन बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। नीचे दिए गए मेरे सुझावों का लक्ष्य है, ग्राहकों को बेहतर लाभ प्रदान करना, दीर्घकालिक बचत में भागीदारी बढ़ाना और वित्तीय समावेश और लचीलेपन के राष्ट्रीय लक्ष्यों का समर्थन करना। सेवानिवृत्ति से जुड़े उत्पाद प्रतिस्पर्धी हों।

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