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कई कानूनी प्रावधान अपराध की श्रेणी से बाहर होंगे, जानिए जनविश्वास II के बाद क्या है सरकार की तैयारी

सरकार के इस कदम से बिजनेस और कंप्लायंस से जुड़े उल्लंघन के मामलों में आपराधिक लायबिलिटी में कमी लाने पर सरकार के नए फोकस के बारे में पता चलता है। इसके तहत खासकर प्रक्रिया से जुड़े लैप्सेज और टेक्निकल डिफॉल्ट्स के मामले आएंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 22, 2026 पर 7:35 PM
कई कानूनी प्रावधान अपराध की श्रेणी से बाहर होंगे, जानिए जनविश्वास II के बाद क्या है सरकार की तैयारी
सरकार का फोकस लाइसेंस, रिन्यूअल्स और इंफॉर्मेशन फाइलिंग्स जैसे प्रोसिजरल और कंप्लांयस से संबंधित जरूरतों पर है।

सरकार कई छोटे अपराधों में सजा के प्रावधान को खत्म करना चाहती है। इसके लिए 33 मंत्रालयों और करीब 100 केंद्रीय अधिनियम से जुड़े करीब 350 अतिरिक्त प्रावधानों की पहचान की गई है। यह पहले से चल रही जनविश्वास पहल का विस्तार है।

सरकार के इस कदम से बिजनेस और कंप्लायंस से जुड़े उल्लंघन के मामलों में आपराधिक लायबिलिटी में कमी लाने पर सरकार के नए फोकस के बारे में पता चलता है। इसके तहत खासकर प्रक्रिया से जुड़े लैप्सेज और टेक्निकल डिफॉल्ट्स के मामले आएंगे।

सरकार के सीनियर अधिकारियों ने बताया कि जिन नए प्रावधानों की पहचान की गई है, उन्हें या तो विस्तारित जन विश्वास II बिल में शामिल किया जाएगा या नया कानूनी पैकेज पेश होगा। एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया, "डीक्रिमिनलाइजेशन प्राथमिकता वाले रिफॉर्म्स में शामिल है।"

उन्होंने कहा कि 33 मंत्रालयों से जुड़े करीब 350 प्रावधानों की पहचान की गई है, जो जिन विश्वास II में शामिल प्रावधानों के अतिरिक्त हैं। इस कवायद में करीब 100 केंद्रीय अधिनियम के शामिल होने की संभावना है। हालांकि, हर कानून में सिर्फ सीमित और खास कानूनी प्रावधानों में संसोधन का प्रस्ताव है।

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