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BSEB 10th Exam 2026: बिहार बोर्ड 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा आज से, 15 लाख से ज्यादा छात्र 1699 केंद्रों पर देंगे परीक्षा

BSEB 10th Exam 2026: बिहार बोर्ड 10वीं कक्षा की परीक्षा आज से शुरू हो रही है। ये परीक्षा पूरे बिहार में विभिन्न केंद्रों पर दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। 25 फरवरी तक चलने वाली इस परीक्षा में 15 लाख से ज्यादा छात्र हिस्सा लेंगे। बोर्ड ने गड़बड़ी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की घोषणा की है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 17, 2026 पर 9:03 AM
BSEB 10th Exam 2026: बिहार बोर्ड 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा आज से, 15 लाख से ज्यादा छात्र 1699 केंद्रों पर देंगे परीक्षा
ये परीक्षा 25 फरवरी, 2026 तक पूरे राज्य में दो शिफ्ट में होगी।

BSEB 10th Exam 2026: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) की शैक्षिक सत्र 2025-26 की मैट्रिक (10वीं) परीक्षा आज, 17 फरवरी, 2026 से शुरू हो रही है। ये परीक्षा 25 फरवरी, 2026 तक पूरे राज्य में दो शिफ्ट में होगी। इस साल, लगभग 15.12 लाख स्टूडेंट्स 1,699 सेंटर्स पर परीक्षा देंगे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कुल 15,12,687 छात्रों में से 7,85,722 लड़कियां और 7,26,961 लड़के हैं।

बीएसईबी अध्यक्ष आनंद किशोर ने सभी जिला अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को सभी सेंटर्स पर कड़ी निगरानी रखने निर्देश दिया है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है कि परीक्षाएं शांतिपूर्ण और बिना किसी गड़बड़ी के हों। पटना में 70 परीक्षा केंद्रों पर 71,022 से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे।

एग्जाम शेड्यूल और शिफ्ट

पहली शिफ्ट : पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9.30 बजे से शुरू होगी। छात्रों का रिपोर्टिंग टाइम सुबह 8.30 बजे है। परीक्षा केंद्र का गेट छात्रों के लिए सुबह 8.30 से सुबह 9.00 बजे तक, सिर्फ आधे घंटे ही खुलेगा। सुबह 9.00 बजे गेट बंद कर दिया जाएगा। इसमें कुल 7,58,633 छात्र शामिल होंगे, जिनमें 3,93,890 लड़कियां और 3,64,743 लड़के हैं।

दूसरी शिफ्ट : पहली शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.15 बजे के बीच होगी। छात्रों का रिपोर्टिंग टाइम दोपहर 1.00 बजे है। परीक्षा केंद्र का गेट छात्रों के लिए दोपहर 1.00 से 1.30 बजे तक, सिर्फ आधे घंटे ही खुलेगा। दोपहर 1.30 बजे गेट बंद कर दिया जाएगा। इसमें कुल 7,54,054 छात्र हिस्सा लेंगे, जिसमें 3,91,836 लड़कियां और 3,62,218 लड़के हैं।

गड़बड़ी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

बोर्ड ने जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की घोषणा की है। परीक्षा की निष्पक्षता में किसी भी तरह की रुकावट डालने की कोशिश पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। एग्जाम सेंटर में जबरदस्ती या गैर-कानूनी तरीके से एंट्री को अनुशासनहीनता माना जाएगा। ऐसे परीक्षार्थियों को दो साल के लिए बोर्ड से निष्कासित किया जा सकता है और FIR दर्ज की जा सकती है। इसमें मदद करने वाले अधिकारियों को सस्पेंड किया जाएगा और कानूनी एक्शन लिया जाएगा।

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