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CBSE Exam 2026 policy: किसी भी वजह से पेपर छूटने के मामलों में बेहद सख्त हैं सीबीएसई के नियम, परीक्षा शुरू होने से पहले इन्हें समझ लें

CBSE Exam 2026 policy: सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा छूटने के नियम बेहद सख्त हैं। बोर्ड इन मामलों में कोई रियायत नहीं देता है। इस साल 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों के लिए इन्हें जानना और समझना बेहद जरूरी है। आइए जानें इनके बारे में

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 11, 2026 पर 1:11 PM
CBSE Exam 2026 policy: किसी भी वजह से पेपर छूटने के मामलों में बेहद सख्त हैं सीबीएसई के नियम, परीक्षा शुरू होने से पहले इन्हें समझ लें
सीबीएसई मूल्यांकन नीति के तहत बीमारी और अनुपस्थिती को एक जैसा माना जाता है।

CBSE Exam 2026 policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से शैक्षिक सत्र 2025-26 में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने वाली हैं। छात्र जी-जान लगाकर परीक्षा की तैयारी करने में लगे हुए हैं। बोर्ड परीक्षा में क्या लेकर जाना है और कैसे परीक्षा में सवालों के जवाब लिखने हैं, जैसी बातों पर कई तरफ से उन्हें सुझाव और सलाह मिल रहे हैं। इस सबके बीच छात्रों के लिए ये भी जानना जरूरी है कि उन्हें परीक्षा छूटने से संबंधित नियमों के बारे में भी जानना जरूरी है। कई बार बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्र बीमार पड़ जाते हैं, या किसी निजी स्थिति की वजह परीक्षा नहीं दे पाते हैं। ऐसी स्थिति में क्या सीबीएसई बोर्ड उनके साथ रियायत बरतेगा या उनका साल बर्बाद हो जाएगा? इस संबंध में सीबीएसई के क्या नियम हैं ?

सीबीएसई की एग्जाम पॉलिसी में सख्त हैं नियम

सीबीएसई उन छात्रों के लिए दोबारा एग्जाम नहीं कराता जो बीमारी या निजी वजहों से बोर्ड का पेपर नहीं दे पाते हैं। 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए कोई “मेक-अप एग्जाम” नहीं होता, मेडिकल सर्टिफिकेट होने पर भी नहीं। ज्यादातर छात्र इस परिस्थिति के लिए तैयार नहीं होते हैं। अगर आप एग्जाम के दिन बीमार होने के बावजूद सेंटर पहुंचते हैं, तो

  • आप परीक्षा दे सकते हैं।
  • परीक्षक आपके कुछ मूल सुविधाएं जैसे अतिरिक्त पानी, बैठने के लिए जगह दे सकते हैं।
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