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Bengal Chunav 2026: जंगलमहल की 25 सीटों पर महायुद्ध! BJP ने TMC के ‘विकास मॉडल’ को दी खुली चुनौती

West Bengal Election 2026: वामपंथियों के दौर में ममता बनर्जी ने 'विकास' के वादे पर ही यहां के लोगों का दिल जीता था, लेकिन आज वही मुद्दा उनके लिए चुनौती बन गया है। अब जहां तृणमूल 'बंगाली अस्मिता' और खान-पान की आजादी की बात कर रही है, वहीं भाजपा का पूरा जोर विकास के मुद्दों पर टिका है

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड Apr 22, 2026 पर 12:52 PM
Bengal Chunav 2026: जंगलमहल की 25 सीटों पर महायुद्ध! BJP ने TMC के ‘विकास मॉडल’ को दी खुली चुनौती
Bengal Chunav 2026: जंगलमहल की 25 सीटों पर महायुद्ध! BJP ने TMC के ‘विकास मॉडल’ को दी खुली चुनौती (PHOTO- AI Generated)

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, बांकुरा और झाड़ग्राम जिले असल में जंगलमहल के प्रवेश द्वार हैं, जहां कभी-कभी पश्चिम मेदिनीपुर का हिस्सा भी शामिल माना जाता है। इस इलाके की 25 विधानसभा सीटें भले ही पूरे राज्य का नतीजा पलटने के लिए काफी न हों, लेकिन यहां का राजनीतिक माहौल बंगाल की असली लड़ाई का रुख तय कर देता है। साल 2021 में भाजपा ने इन 25 में से 14 सीटें जीतकर तृणमूल कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी थी। BJP की यह ताकत 2019 के लोकसभा चुनाव में पहली बार दिखी थी, लेकिन 2024 आते-आते तृणमूल ने झाड़ग्राम, बांकुरा और मेदिनीपुर जैसी सीटें वापस छीन लीं।

विकास बनाम पलायन की हकीकत

वामपंथियों के दौर में ममता बनर्जी ने 'विकास' के वादे पर ही यहां के लोगों का दिल जीता था, लेकिन आज वही मुद्दा उनके लिए चुनौती बन गया है। लोग कहते हैं दूसरे राज्यों, यहां तक कि बिहार की सड़कें भी अब बंगाल से बेहतर दिखने लगी हैं। एक बड़ी समस्या यहां काम न होना है, जिस वजह से लोग आज भी लॉटरी के भरोसे किस्मत बदलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

BJP इसी दुखती रग पर हाथ रख रही है और भारी उद्योगों व नौकरियों का वादा कर रही है। दूसरी ओर, तृणमूल के बांकुरा सांसद अरूप चक्रवर्ती इसे 'चुनावी जुमला' बताते हुए याद दिलाते हैं कि केंद्र ने भी सालाना 2 करोड़ नौकरियों का वादा किया था जो पूरा नहीं हुआ। उनका कहना है कि बंगाल का फैसला बंगाल के लोग ही करेंगे, 'बाहरी' नहीं।

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