पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक पुरानी कहावत रही है- जो कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों को जीतता है, वही बंगाल पर राज करता है। 2026 के विधानसभा चुनावों में भी सभी निगाहें एक बार फिर इन इलाकों पर टिकी हैं। राज्य की कुल 294 सीटों में से करीब एक-तिहाई यानी 111 सीटें अकेले प्रेसिडेंसी डिविजन से आती हैं। पश्चिम बंगाल को पांच प्रशासनिक डिवीजनों में बांटा गया है– प्रेसिडेंसी, बर्धमान, मेदिनीपुर, मालदा और जलपाईगुड़ी।
