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West Bengal Election: बंगाल में पहले चरण में बंपर वोटिंग के क्या मायने, बीजेपी या ममता किसे मिलेगा फायदा?

West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में 82.30 फीसदी मतदान हुआ था। इस बार के चुनाव में बंगाल के लोगों ने मतदान के मामले में रिकॉर्ड बनाया है। पश्चिम बंगाल में पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद अब सवाल उठ रहा है कि इसका क्या मायने हैं क्या बीजेपी को बहुमत मिलेगी या फिर मामता बनर्जी की पार्टी टीएमसी सरकार बना लेगी

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Apr 25, 2026 पर 3:01 PM
West Bengal Election: बंगाल में पहले चरण में बंपर वोटिंग के क्या मायने, बीजेपी या ममता किसे मिलेगा फायदा?
West Bengal Election Voting Phase : पश्चिम बंगाल में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान, BJP या ममता बनर्जी किसे होगा फायदा?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार वोटिंग प्रतिशत बहुत अहम मुद्दा बन गया है। इसी के आधार पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी अपनी-अपनी जीत की संभावना का आकलन कर रही हैं। दोनों ही पार्टियां वोटिंग के आंकड़ों को अपने हिसाब से अलग-अलग तरीके से समझा रही हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, गुरुवार को हुए पहले चरण के मतदान में राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 152 सीटों पर वोटिंग हुई। इस दौरान करीब 3.60 करोड़ मतदाताओं में से 92.7% लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो काफी ज्यादा माना जा रहा है।

ग्रामीण इलाकों में ज्यादा वोटिंग

पहले चरण के मतदान में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, कई जिलों में खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में वोट डाले गए। अब तक के रुझानों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में ज्यादा वोटिंग को अक्सर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के लिए फायदेमंद माना जाता रहा है। इस पार्टी का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि तृणमूल कांग्रेस की जमीनी पकड़ मजबूत है और उसकी कई योजनाएं सीधे लोगों तक पहुंचती हैं, जिससे उसे वोटरों का अच्छा समर्थन मिलता है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा वोटिंग

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