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Air India Plane Crash Report: दोनों इंजनों की तेल सप्लाई बंद, फिर क्या किया था पायलटों ने? जांच रिपोर्ट में खुलासा

Air India Plane Crash Update: टाटा ग्रुप की विमानन कंपनी एयर इंडिया के एक विमान के साथ हुए हादसे को लेकर जांच में सामने आया है कि इसे को-पायलट उड़ा रहे थे। वहीं एक बात और सामने आई है कि इंजन को तेल की सप्लाई बंद हो गई थी। जानिए कि जांच में क्या बातें सामने आई हैं और अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ है?

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jul 12, 2025 पर 12:35 PM
Air India Plane Crash Report: दोनों इंजनों की तेल सप्लाई बंद, फिर क्या किया था पायलटों ने? जांच रिपोर्ट में खुलासा
Air India Plane Crash Update: एयर इंडिया के विमान हादसे से जुड़े जांच की रिपोर्ट सामने आ गई है। एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट के मुताबिक जिस समय AI-171 के साथ हादसा हुआ था, उस समय इसे को-पायलट उड़ा रहे थे।

Air India Plane Crash Update: एयर इंडिया के विमान हादसे से जुड़े जांच की रिपोर्ट सामने आ गई है। एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट के मुताबिक जिस समय AI-171 के साथ हादसा हुआ था, उस समय इसे को-पायलट उड़ा रहे थे। 12 जून को अहमदाबादद से उड़ान भरते समय को-पायलट पायलट फ्लाइंग (PF) की भूमिका में थे तो पीआईसी (पायलट इन कमांड) उड़ान भरते समय पायलट मॉनिटरिंग (PM) की भूमिका में थे। जांच में एक और अहम बात सामने आई है कि प्लेन के टेकऑफ करते ही यानी कि उड़ान भरते ही जहाज के दोनों इंजन बंद हो गए थे। इसे लेकर एक पायलट ने दूसरे पायलट से सवाल पूछा था।

किस पायलट ने पूछा फ्यूल कट के बारे में?

12 जून को गुजरात के अहमदाबाद में स्थित एयरपोर्ट से जब एयर इंडिया के विमान ने लंदन के लिए उड़ान भरी थी तो यह थोड़ी ही देर में बीजे मेडिकल कॉलेस हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकरा गई और इशमें 260 की जान चली गई। कॉकपिट वाइस रिकॉर्डर की जांच में सामने आया है कि एक पायलट ने दूसरे पायलट से पूछा कि उसने तेल की सप्लाई क्यों बंद की है। इस पर दूसरे ने जवाब दिया कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। हालांकि रिपोर्ट में यह खुलासा नहीं हुआ कि किस पायलट ने यह सवाल पूछा या हादसे के ठीक पहले “Mayday” कॉल की थी। यह कॉल किसी संकट की स्थिति में की जाती है और इसमें इस शब्द को तीन बार यानी मेडे,मेडे,मेडे बोला जाता है।

हादसे के वक्त जहाज के कैप्टल 56 वर्षीय सुमीत सभरवाल थे जिन्हें 15,600 घंटे जहाज उड़ाने का अनुभव था। इसमें से 8500 घंटे तो बोईंग 787 पर था जिसका उस दिन हादसा हुआ था। वहीं को-पायलट की बात करें तो 32 वर्षीय क्लाइव कुंदर के पास करीब 3400 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव था और उनके पास वर्ष 2017 से बोइंग 787 के को-पायलट होने की योग्यता थी।

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